एएमयू शिक्षक ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में जल शुद्धिकरण पर शोध प्रस्तुत किया
हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. सैफ उल्लाह खान ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में “जल शुद्धिकरण के लिए अवशोषक झिल्लियों की प्रगति, चुनौतियाँ और विस्तार की संभावनाएँ” विषय पर शोध प्रस्तुत किया। सम्मेलन का आयोजन इंडियन मेम्ब्रेन सोसाइटी और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई द्वारा किया गया। इसमें कई देशों के वैज्ञानिक शामिल हुए। डॉ. खान का शोध औद्योगिक अपशिष्ट जल के उन्नत उपचार पर केंद्रित है। विभागाध्यक्ष और सहकर्मियों ने उनकी उपलब्धि पर बधाई दी।
एएमयू के 11 छात्रों को प्रतिष्ठित संस्थानों में प्लेसमेंट
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के 11 छात्रों का चयन विभिन्न कंपनियों में हुआ है। चयन ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिस (जनरल) द्वारा आयोजित अभियानों से हुआ। छात्रों को सृजन, टेलीसीआरएम, एवरी स्पेशल चाइल्ड, वरुण बेवरेजेस और एक्सिओम कंसल्टिंग में नियुक्ति मिली। उन्हें बिजनेस एनालिस्ट, एचआर, प्रोजेक्ट एग्जीक्यूटिव और कस्टमर एग्जीक्यूटिव जैसे पद मिले हैं। ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर साद हमीद ने इसे छात्रों की मेहनत और विश्वविद्यालय के उद्योगोन्मुख वातावरण का परिणाम बताया।
एएमयू मल्लापुरम में सीवी लेखन पर कार्यशाला
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मल्लापुरम केंद्र में कानून के छात्रों के लिए सीवी लेखन कार्यशाला आयोजित हुई। एडिनबर्ग विश्वविद्यालय की ग्लोबल डेटा फेलो प्रेरणा दीप ने छात्रों को प्रभावी सीवी तैयार करने के गुर सिखाए। उन्होंने शिक्षा, इंटर्नशिप और शोध को स्पष्ट व मापनीय रूप में प्रस्तुत करने की सलाह दी। कोर्स समन्वयक डॉ. शाहनवाज अहमद मलिक और निदेशक प्रो. शाहुल हमीद ने कार्यक्रम की सराहना की। अंत में संवादात्मक सत्र आयोजित हुआ।
वनस्पति विज्ञान विभाग में जर्मप्लाज्म पर विशेष व्याख्यान
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में प्रो. हरि देव उपाध्याय ने फसल जर्मप्लाज्म और वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर व्याख्यान दिया। उन्होंने जैव विविधता संरक्षण और जीन बैंक की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रो. अबरार अहमद खान ने अतिथि का स्वागत किया, जबकि डीन प्रो. नफीस अहमद खान ने सम्मानित किया। छात्रों ने संवाद सत्र में सक्रिय भागीदारी की। वक्ता ने शोध में नैतिकता और समर्पण को सफलता की कुंजी बताया।
एएमयू में प्रो. मोहम्मद याकूब की स्मृति में शोकसभा
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सांख्यिकी एवं ऑपरेशंस रिसर्च विभाग में प्रो. मोहम्मद याकूब के निधन पर शोकसभा आयोजित हुई। उन्होंने 1978 से 2012 तक सेवाएं दीं। उन्हें ईमानदारी, समयपालन और छात्रों के प्रति समर्पण के लिए याद किया गया। शिक्षकों व कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने कहा कि उनका योगदान विभाग और विश्वविद्यालय के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
डेंटल कॉलेज में ओरल सर्जन दिवस मनाया गया
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के डॉ. जेड.ए. डेंटल कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन दिवस मनाया गया। पोस्टर प्रतियोगिता और सीडीई व्याख्यान आयोजित हुआ। मुख्य वक्ता डॉ. रोहित चंद्र ने सर्जरी की विभिन्न भूमिकाओं पर प्रकाश डाला। डीन प्रो. मोहम्मद खालिद और प्राचार्य प्रो. एन.डी. गुप्ता ने विभाग की पहल की सराहना की। अंत में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
शोधार्थी ने स्थिरता प्रकटीकरण पर शोध पत्र प्रस्तुत किया
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शोधार्थी मुद्दस्सिर अहमद भाटी ने राष्ट्रीय सम्मेलन में स्थिरता प्रकटीकरण पर शोध प्रस्तुत किया। सम्मेलन मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी में आयोजित हुआ। अध्ययन में ईएसजी प्रकटीकरण और इक्विटी पूंजी लागत के संबंध का विश्लेषण किया गया। शोध निष्कर्ष नीति-निर्माताओं और निवेशकों के लिए उपयोगी बताए गए।
एआईएमईसी के पाँच प्रतिनिधि यूनिवर्सिटी कोर्ट में नियुक्त
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने आॅल इंडिया मुस्लिम एजूकेशनल कांफ्रेंस के पाँच प्रतिनिधियों को यूनिवर्सिटी कोर्ट का सदस्य नियुक्त किया। इनमें असद यार खान, खुर्शीद अहमद खान, मुनव्वर हाजिक, प्रो. रजाउल्लाह खान और सैयद अहमद फैसल शामिल हैं। इनकी नियुक्ति तीन वर्ष के लिए की गई है।
जेएन मेडिकल कॉलेज में डीएम कार्डियोलॉजी सीटें बढ़ीं
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में डीएम कार्डियोलॉजी सीटें दो से बढ़ाकर चार कर दी हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. मलिक अजहर उद्दीन ने बताया कि इससे प्रशिक्षण क्षमता दोगुनी होगी। प्रो. आसिफ हसन ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया। विभाग पोस्ट-डीएम इंटरवेंशनल फेलोशिप शुरू करने की तैयारी में है, जिससे उन्नत हृदय उपचार सेवाओं को मजबूती मिलेगी।













