एएमयू में “तमिल कथा साहित्यः सीमाओं से परे” विषय पर साहित्यिक मंच आयोजित
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के आधुनिक भारतीय भाषाएँ विभाग के तमिल अनुभाग ने साहित्य अकादमी के सहयोग से “तमिल फिक्शनः बियोंड बॉर्डर्स” विषय पर साहित्यिक मंच का आयोजन किया। कार्यक्रम में अनुवाद के माध्यम से तमिल कथा साहित्य की भारतीय और वैश्विक पहुँच पर गहन विमर्श हुआ। डॉ. आर. तमिलसेल्वन ने स्वागत भाषण में अंतर-सांस्कृतिक संवाद में अनुवाद की भूमिका को रेखांकित किया। वक्ताओं ने तमिल साहित्य के विभिन्न भारतीय भाषाओं में अनुवाद, पद्धतियों और चुनिंदा कृतियों पर चर्चा की। अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. नुजुम ए. ने बहुभाषी भारत में अनुवाद को आवश्यक बताया।
आईआईएसईआर भोपाल में इलेक्ट्रोकेमिकल बायोसेंसर पर एएमयू फैकल्टी का व्याख्यान
एएमयू के रसायन विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. मोहम्मद जैन खान ने आईआईएसईआर भोपाल की वार्षिक संगोष्ठी में इलेक्ट्रोकेमिकल बायोसेंसर पर आमंत्रित व्याख्यान दिया। उन्होंने न्यूरोलॉजिकल रोगों के बढ़ते खतरे और प्रारंभिक निदान की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। डॉ. खान ने बताया कि बायोसेंसर सस्ते, तेज और कम आक्रामक निदान उपकरण के रूप में प्रभावी हैं। संगोष्ठी में उनके शोधार्थियों ने भी शोध प्रस्तुत किया, जिससे एएमयू के अनुसंधान योगदान को सराहना मिली।
एएमयू मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी ने नीट-एसएस में हासिल की एआईआर 6
जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, एएमयू की ईएनटी विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. सादिया इस्लाम ने नीट सुपर स्पेशियलिटी परीक्षा में अखिल भारतीय रैंक 6 प्राप्त कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया। नीट-एसएस एक अत्यंत प्रतिस्पर्धी परीक्षा है, जिसमें सीमित सीटें उपलब्ध होती हैं। डॉ. इस्लाम ने जेएनएमसी से एमबीबीएस और एमएस की उपाधि प्राप्त की है तथा इंग्लैंड से एमआरसीएस भी किया है। उनकी इस उपलब्धि को एएमयू के लिए गर्व का क्षण बताया गया।
एएमयू में इंडिया एआई मिशन के तहत दो सप्ताह का एफडीपी प्रारंभ
एएमयू के इंटरडिसिप्लिनरी सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा 28 जनवरी से 10 फरवरी 2026 तक दो सप्ताह का फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम इंडिया एआई इम्पेक्ट समिट 2026 के प्री-सम्मिट के रूप में आयोजित है। उद्घाटन सत्र में विशेषज्ञों ने शिक्षा, उद्योग और समाज में एआई की भूमिका पर विचार साझा किए। एफडीपी में 20 विशेषज्ञ सत्र होंगे, जिनका उद्देश्य एआई साक्षरता और अंतर्विषयी शोध को बढ़ावा देना है।
एएमयू में प्रोस्थोडॉन्टिक्स के क्लिनिकल प्रशिक्षण हेतु आवेदन आमंत्रित
एएमयू के डॉ. जेड.ए. डेंटल कॉलेज के प्रोस्थोडॉन्टिक्स विभाग ने तीन माह के स्ववित्तपोषित क्लिनिकल प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह कार्यक्रम 9 फरवरी से 8 मई 2026 तक चलेगा। बीडीएस इंटर्नशिप पूर्ण कर चुके अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। कुल तीन सीटों के लिए चयन “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर होगा। आवेदन पत्र विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
जेएन मेडिकल कॉलेज में पहली बार मूत्राशय कैंसर की जटिल सर्जरी सफल
एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में पहली बार मसल इनवेसिव ब्लैडर कैंसर की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। सर्जरी विभाग के डॉ. परवेज आलम और उनकी टीम ने 76 वर्षीय मरीज पर यह ऑपरेशन किया। लगभग 8 से 10 घंटे चली सर्जरी में मूत्राशय को हटाकर नया मूत्र मार्ग बनाया गया। ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और मरीज को नौवें दिन छुट्टी दे दी गई। इसे संस्थान की बड़ी चिकित्सा उपलब्धि माना गया।
एएमयू में 31 जनवरी को अली डे समारोह का आयोजन
इमाम अली की यौमे-विलादत के अवसर पर 73वां अली डे समारोह 31 जनवरी 2026 को एएमयू के कैनेडी ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. नइमा खातून करेंगी। ईरान के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम में विद्वानों के संबोधन और प्रसिद्ध शायरों द्वारा मनकबत पेश की जाएगी। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक, सामाजिक और नैतिक मूल्यों का प्रसार करना है।
एएमयू परिसरों में श्रद्धा के साथ मनाया गया शहीद दिवस
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विभिन्न परिसरों, स्कूलों और केंद्रों में शहीद दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी गई। दो मिनट का मौन, भाषण, कविताएँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। शिक्षकों ने छात्रों को सत्य, अहिंसा और देशभक्ति के मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रमों ने छात्रों और कर्मचारियों में राष्ट्रीय चेतना को सुदृढ़ किया।
वीमेन्स कॉलेज एएमयू में दो दिवसीय अंडरग्रेजुएट कॉन्क्लेव 2026 संपन्न
एएमयू के वीमेन्स कॉलेज में लाइफ साइंस सोसाइटी द्वारा दो दिवसीय अंडरग्रेजुएट कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं के लिए फोटोग्राफी, पोस्टर, निबंध और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएँ आयोजित हुईं। उद्घाटन सत्र में विशेषज्ञों ने स्टेम शिक्षा और पर्यावरणीय चुनौतियों पर विचार रखे। कॉन्क्लेव ने छात्राओं में अंतर्विषयी सोच, शोध रुचि और वैज्ञानिक संवाद को बढ़ावा दिया।
















