अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के शारीरिक शिक्षा विभाग में एक गंभीर मामला सामने आया है। विभाग की एक छात्रा ने आरोप लगाया है कि जब वह जिम में एक्सरसाइज कर रही थी, तब प्रोफेसर मुर्तजा ने उसके पेट पर पैर रख दिया। इस घटना से छात्रा को ब्लीडिंग हो गई क्योंकि वह मासिक धर्म से गुजर रही थी। छात्रा ने तत्काल विभाग और प्रॉक्टोरियल टीम से शिकायत दर्ज कराई।
एएमयू प्रॉक्टर प्रो. वसीम अली ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दोनों पक्ष आपसी बातचीत से विवाद सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, छात्रा द्वारा शिकायत वापस लेने की संभावना भी जताई जा रही है।
इस घटना ने विवि परिसर में नई बहस छेड़ दी है। खासकर इसलिए कि शारीरिक शिक्षा विभाग की स्थापना वर्ष 1990 में हुई थी, लेकिन आज तक वहां एक भी महिला शिक्षिका की नियुक्ति नहीं हो सकी। विभाग में 50 फीसदी प्रैक्टिकल अंकों के लिए छात्राओं को मजबूरन पुरुष शिक्षकों के साथ अभ्यास करना पड़ता है। छात्रा का हिंदू होने के कारण भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
विवि प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। इस घटना ने एएमयू में छात्राओं की सुरक्षा और महिला शिक्षिकाओं की कमी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।















