हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: 3 अगस्त 2025
अलीगढ़, 2 अगस्त 2025: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के रसायन विभाग के वैज्ञानिकों को मधुमेह की प्रारंभिक जांच के लिए एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रोकेमिकल सेंसर के आविष्कार हेतु भारतीय पेटेंट प्राप्त हुआ है। इस सेंसर के माध्यम से मानव श्वास में मौजूद एसिटोन की पहचान की जा सकती है, जो डायबिटीज का एक महत्वपूर्ण बायोमार्कर है। यह खोज डायबिटीज की त्वरित, सस्ती और गैर-आक्रामक जांच की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

यह पेटेंट डॉ. मोहम्मद जैन खान और प्रो. सुहैल सबिर के नेतृत्व में विकसित तकनीक को मिला है, जिसमें डॉ. आदिल शफी गनी और डॉ. साइमा सुल्ताना भी सह-शोधकर्ता के रूप में शामिल रहे। टीम द्वारा विकसित यह सेंसर न केवल उपयोग में आसान है, बल्कि माइक्रोमोलर स्तर तक एसिटोन की पहचान करने में सक्षम है। इसकी खासियत यह है कि यह पॉइंट-ऑफ-केयर तकनीक के अंतर्गत आता है, जिससे मरीजों को समय पर निदान मिल सकता है।
डॉ. जैन खान ने बताया कि यह नवाचार मधुमेह के शुरुआती लक्षणों की पहचान कर मरीजों को समय रहते आवश्यक जीवनशैली परिवर्तन का मौका देता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह तकनीक केवल चिकित्सा क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पर्यावरण और सामाजिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

डॉ. खान अब तक 100 से अधिक शोधपत्र प्रकाशित कर चुके हैं और ₹1.2 करोड़ की परियोजनाओं का सफल संचालन कर चुके हैं। उन्हें एएमयू आउस्टैंडिंग रिसर्चर अवार्ड, बेस्ट ओरल प्रेजेंटर अवार्ड और मॉलिक्यूल अवार्ड जैसे कई सम्मानों से नवाजा जा चुका है। उनके शोध कार्य को 5,700 से अधिक बार उद्धृत किया गया है और उनका एच-इंडेक्स 40 तथा आई10-इंडेक्स 80 है।
इससे पूर्व भी डॉ. खान को रीयल-टाइम सेंसर के लिए पेटेंट मिल चुका है, जो जल में केमिकल ऑक्सीजन डिमांड की निगरानी करने में सक्षम है।















