रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया शुभारंभ, सेना और एफसीआई के बीच पांच साल का समझौता; लद्दाख और पूर्वोत्तर के दुर्गम इलाकों में राशन आपूर्ति होगी मजबूत
नई दिल्ली।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ : देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों को बेहतर गुणवत्ता वाला चावल उपलब्ध कराने के लिए भारतीय सेना ने ‘भारत राइस’ पहल की शुरुआत की है। सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में इस पहल का शुभारंभ किया गया। इसके तहत निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप चावल सीधे सेना के आपूर्ति डिपो तक पहुंचाया जाएगा। इस व्यवस्था से सैनिकों को गुणवत्तापूर्ण राशन उपलब्ध कराने के साथ ही दुर्गम क्षेत्रों में आपूर्ति व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
इस पहल के तहत भारतीय सेना और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के बीच पांच साल के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। आपसी सहमति से इस समझौते को आगे भी बढ़ाया जा सकेगा। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सेना, एफसीआई, नेफेड और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने करीब 18 महीने तक समन्वय किया।
‘जय जवान, जय किसान’ की भावना को मिलेगी मजबूती
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘भारत राइस’ को किसान की मेहनत और सैनिक के सम्मान को जोड़ने वाली पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना ‘जय जवान, जय किसान’ के संदेश को साकार करती है। किसान के खेत से निकलकर सैनिक की थाली तक पहुंचने वाला चावल देश की कृषि व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच मजबूत संबंध का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि सैनिकों का कल्याण राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा है। पौष्टिक भोजन, बेहतर उपकरण और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण जवानों का मनोबल बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
लद्दाख और पूर्वोत्तर में आपूर्ति व्यवस्था होगी बेहतर
‘भारत राइस’ की आपूर्ति सेना के विभिन्न डिपो में की जाएगी। इनमें लद्दाख और पूर्वोत्तर के दुर्गम क्षेत्रों में स्थित डिपो भी शामिल हैं। इन इलाकों में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण मौसम के कारण राशन पहुंचाना अक्सर मुश्किल होता है। ऐसे में बेहतर पैकेजिंग और व्यवस्थित आपूर्ति श्रृंखला से सैनिकों तक समय पर राशन पहुंचाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि सैन्य अभियानों को प्रभावी ढंग से जारी रखने के लिए मजबूत और लचीली लॉजिस्टिक्स व्यवस्था जरूरी है।
गुणवत्ता नियंत्रण पर रहेगा जोर
यह पहल सेना के आपूर्ति एवं परिवहन महानिदेशालय के नेतृत्व में शुरू की गई है। वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान नेफेड के माध्यम से चावल की आपूर्ति की जाएगी। चावल की मिलिंग निर्धारित रक्षा मानकों के अनुरूप होगी। साथ ही, गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जाएगी, ताकि चावल विदेशी पदार्थों और मिलावट से मुक्त रहे।
‘भारत राइस’ पहल का उद्देश्य केवल राशन की आपूर्ति करना नहीं, बल्कि सैनिकों को बेहतर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराकर उनके कल्याण और सैन्य तैयारियों को मजबूती देना भी है।
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