हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपनी सेवाओं को डिजिटल बनाते हुए कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। अब ईपीएफ दावों का निपटान मात्र 3 दिनों में किया जा सकेगा, जबकि पहले इसमें 15 से 20 दिन तक का समय लगता था। इस बदलाव से लाखों कर्मचारियों को तेज, सरल और पारदर्शी सेवाएं मिलेंगी।
डिजिटलीकरण के तहत ईपीएफओ ने क्लेम प्रक्रिया को काफी हद तक ऑटोमेटेड कर दिया है। खास तौर पर ₹1 लाख तक के दावों को ऑटो-सेंक्शन की सुविधा के दायरे में लाया गया है। इसका मतलब है कि ऐसे दावों के निपटान में किसी मानवीय हस्तक्षेप की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे प्रक्रिया और भी तेज और त्रुटिरहित बनेगी।
इस नई व्यवस्था से कर्मचारियों को न केवल समय की बचत होगी, बल्कि बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने की परेशानी भी खत्म होगी। साथ ही, डिजिटल सिस्टम के जरिए पारदर्शिता बढ़ेगी और क्लेम ट्रैकिंग भी आसान हो जाएगी।
ईपीएफओ का यह कदम ‘डिजिटल इंडिया’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो कर्मचारियों के हितों को मजबूत करने के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता को भी बढ़ाएगा।













