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दिल्ली स्कूल बम धमकी मामला: हाई कोर्ट सख्त, 19 मई को अगली सुनवाई, अफसरों को तलब

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 1 मई : 2025,

स्कूलों में लगातार मिल रही फर्जी धमकियों से अभिभावक और छात्र तनाव में

देश की राजधानी दिल्ली के स्कूल इन दिनों डर और अनिश्चितता के माहौल में हैं। बार-बार मिल रही फर्जी बम धमकियों ने छात्रों, अभिभावकों और स्कूल प्रशासन को मानसिक रूप से झकझोर कर रख दिया है। पढ़ाई प्रभावित हो रही है और स्कूलों को बार-बार खाली कराना पड़ रहा है।

प्रशासन की लापरवाही पर हाई कोर्ट नाराज

दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में प्रशासन की लापरवाही को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव और दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से अगली सुनवाई में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि बार-बार ऐसी घटनाएं होना यह दर्शाता है कि एक समुचित और समन्वित प्रणाली (SOP) की सख्त आवश्यकता है।

हाई कोर्ट का सवाल: SOP अब तक क्यों नहीं बनी?

याचिकाकर्ता वकील अर्पित भार्गव ने कोर्ट को बताया कि 14 नवंबर 2024 को अदालत ने दिल्ली सरकार और पुलिस को एक SOP तैयार करने का आदेश दिया था, ताकि आपात स्थितियों में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जा सके। लेकिन आठ हफ्तों की डेडलाइन के बावजूद 14 जनवरी 2025 तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।

4600 स्कूल, सिर्फ 5 बम स्क्वॉड – हाई कोर्ट ने बताया गंभीर चूक

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में स्वीकार किया कि दिल्ली में 4600 से अधिक स्कूल हैं, लेकिन केवल 5 बम निष्क्रियकरण दस्ते और 18 बम पहचान टीमें ही उपलब्ध हैं। अदालत ने इसे गंभीर चूक करार देते हुए बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बताया।

बिना SOP के हर बार अव्यवस्था

याचिका में यह भी कहा गया कि धमकी असली हो या फर्जी, हर बार स्कूलों को खाली कराया जाता है। बच्चों में घबराहट फैलती है, पढ़ाई बाधित होती है, और अभिभावकों में भय का माहौल बनता है। बिना किसी मानक प्रक्रिया के हर बार अलग-अलग तरीके से प्रतिक्रिया दी जाती है, जिससे अव्यवस्था फैलती है।

19 मई को अगली सुनवाई, हो सकती है कड़ी कार्रवाई

कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 मई की तारीख तय की है और स्पष्ट निर्देश दिया है कि सरकार और पुलिस के शीर्ष अधिकारी स्वयं उपस्थित होकर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें। साथ ही कोर्ट ने यह भी संकेत दिया है कि यदि आदेशों की अवहेलना हुई तो अवमानना की कार्यवाही की जा सकती है।

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