हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बीजेपी सरकार पर घुसपैठियों के मुद्दे को चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि UPA सरकार (2004-2014) के दौरान 88,000 अवैध प्रवासियों को देश से निकाला गया, जबकि बीजेपी सरकार ने 11 सालों में केवल 2,400 घुसपैठियों को पकड़ा है।
उन्होंने बीजेपी के SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान की आलोचना करते हुए इसे जनता को परेशान करने वाला बताया। दिग्विजय ने कहा कि पहले मतदाता सूची की सत्यता सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी थी, लेकिन अब नागरिकता साबित करने का बोझ लोगों पर डाल दिया गया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई व्यक्ति अपनी नागरिकता साबित नहीं कर पाता, तो उसके मताधिकार का क्या होगा? कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के समय मतदाता सूचियों में हेरफेर की जाती है, जिससे असली मतदाता वंचित रह जाते हैं।
उन्होंने मांग की कि चुनाव की घोषणा के बाद मतदाता सूची को “फ्रीज” कर दिया जाए ताकि नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया बंद हो सके।
सिंह ने कहा कि 2003 में जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज पर्याप्त थे, लेकिन अब नागरिकता प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है, जो 99 प्रतिशत भारतीयों के पास नहीं है। उन्होंने बीजेपी से पूछा कि जब खुद उनकी सरकार इतने वर्षों में इतने कम घुसपैठिए पकड़ सकी, तो “घुसपैठियों का नारा” उठाने का क्या औचित्य है?














