नई दिल्ली, हिन्दुस्तान मिरर न्यूज।
रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने सोमवार को 2025 के इकोनॉमिक्स (आर्थिक विज्ञान) के नोबेल पुरस्कार विजेताओं की घोषणा की। इस वर्ष यह प्रतिष्ठित सम्मान अमेरिका के जोएल मोकिर और फिलिप अधियन तथा ब्रिटेन के पीटर हॉविट को संयुक्त रूप से दिया गया है। तीनों विद्वानों को यह पुरस्कार ‘इनोवेशन के माध्यम से आर्थिक विकास’ पर किए गए उनके उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए प्रदान किया गया है।

नोबेल समिति ने अपने बयान में कहा कि इन अर्थशास्त्रियों के कार्यों ने यह स्पष्ट किया है कि “लगातार आर्थिक विकास को कभी भी हल्के में नहीं लिया जा सकता।” मानव इतिहास में आर्थिक ठहराव सामान्य रहा है, लेकिन नवाचार और तकनीकी उन्नति के माध्यम से स्थायी विकास संभव है। समिति ने बताया कि उनके शोध से यह समझने में मदद मिलती है कि किन परिस्थितियों में नवाचार को बढ़ावा देकर दीर्घकालिक आर्थिक प्रगति हासिल की जा सकती है।
यह भी उल्लेखनीय है कि आर्थिक विज्ञान में नोबेल पुरस्कार की शुरुआत 1969 में हुई थी। पहला पुरस्कार नार्वे के रैगनार फ्रिस्क और नीदरलैंड के जान टिनबर्गेन को दिया गया था, जिन्होंने गतिशील आर्थिक मॉडलिंग में अग्रणी कार्य किया था।
रॉयल स्वीडिश एकेडमी हर साल चिकित्सा, भौतिकी, रसायन, साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र के क्षेत्रों में नोबेल पुरस्कार प्रदान करती है। यह पुरस्कार स्वीडिश वैज्ञानिक और डायनामाइट के आविष्कारक अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में दिया जाता है।
पिछले वर्ष का इकोनॉमिक्स नोबेल अमेरिका के साइमन जॉनसन, जेम्स रोबिन्सन और डेरन ऐसमोग्लू को मिला था। उन्होंने अपने अध्ययन से यह दिखाया था कि किस तरह कुछ देश दशकों से गरीबी के जाल में फंसे रहते हैं।













