🔆 हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
पितृपक्ष में जहाँ हर कोई अपने पितरों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान कर उन्हें स्मरण करता है, वहीं मानव उपकार संस्था पिछले 26 वर्षों से उन लावारिस शवों की आत्मा की शांति के लिए यह धार्मिक कर्तव्य निभा रही है जिनका कोई अपना नहीं होता। संस्था हर वर्ष अस्थियों को सुरक्षित रखकर पितृपक्ष में उनका तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर मोक्ष दिलाने का कार्य करती है।

संस्था के संस्थापक विष्णु कुमार बंटी ने बताया कि इस बार संस्था ने 170 लावारिस शवों की अस्थियों को विसर्जन करने का संकल्प लिया है। इसके लिए संस्था पितृपक्ष में 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के समीप कृष्णा नदी में विसर्जन करेगी। विसर्जन से पूर्व नुमाइश मैदान स्थित मुक्तिधाम से अस्थि विसर्जन यात्रा निकाली गई।
इस यात्रा का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती विजय सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि मानव उपकार संस्था के इस पुनीत कार्य से न केवल इन आत्माओं को मोक्ष मिलता है बल्कि समाज को भी सेवा और मानवता की राह दिखती है।

महापौर प्रशांत सिंहल ने यात्रा में सम्मिलित होकर कहा कि लावारिस अस्थियों का विसर्जन करना सेवा और श्रद्धा की ऐसी मिसाल है जिसकी तुलना किसी और कार्य से नहीं की जा सकती।
इस अवसर पर संस्था के संरक्षक उमेश सरकोडा, सरदार खजान सिंह, भवानी शंकर शर्मा और श्यामलाल गिरी सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। अस्थियों पर पुष्प अर्पित कर सभी ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।
अस्थि विसर्जन यात्रा में मानव उपकार संस्था के अनेक सेवक जैसे गिर्राज शर्मा, ओ.पी. वर्मा, हरिकृष्ण मुरारी शर्मा, सत्यनारायण दीक्षित, अशोक गोल्डी, कमल गुप्ता, जितेंद्र टी.डी., नृपेन्द्र वार्ष्णेय, श्रीमती कृष्णा गुप्ता, आभा वार्ष्णेय, विवेक अग्रवाल “चॉकलेट”, राजीव धर्मंकाँटा, आशीष गुप्ता “ईगल”, उपेन्द्र शर्मा, राजकुमार, राहुल वार्ष्णेय, नगर निगम के उपसभापति दिनेश जादौन, पार्षद दिनेश भारूद्वाज सहित कई अन्य लोग शामिल हुए।
संस्था के इस प्रयास ने एक बार फिर साबित किया कि मानवता की सच्ची सेवा वही है जिसमें निर्बल और लावारिस आत्माओं के उद्धार की भावना निहित हो।












