-बारात के स्टीकर लगी गाड़ी से पहुंचे अधिकारी, लखनऊ, बलिया, सोनभद्र और कौशांबी में एक साथ की गई कार्रवाई
-योगी के मंत्री दिनेश सिंह ने कहा-विधायक के जीवन को कुछ हुआ तो संस्था होगी जिम्मेदार
-बसपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा-उन्हें छापे की जानकारी नहीं
लखनऊ,हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
: बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के लखनऊ, बलिया, सोनभद्र और कौशांबी के ठिकानों पर आयकर विभाग की टीमों ने छापेमारी की। बाराती बनकर गाड़ियों के काफिलों के साथ करीब 50 अधिक अधिकारियों ने इलेक्ट्रोनिक्स डिवाइस, फाइलें और अन्य दस्तावेज खंगाले। इस दौरान किसी को भी बाहर से अंदर और अंदर से बाहर नहीं आने दिया गया। सभी परिजनों के मोबाइल कब्जे में ले लिए गए। उधर बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने बताया कि उन्हें विधायक के घर पर छापेमारी की जानकारी नहीं हैं, वहीं भाजपा के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने आयकर की कार्रवाई विरोध करते हुए कहा है कि यदि बीमार विधायक को कुछ हुआ तो संस्था जिम्मेदार होगी।
बलिया के रसड़ा विधान सभा क्षेत्र से तीन बार से लगातार बसपा के विधायक उमाशंकर सिंह का गोमतीनगर के विपुलखंड में आवास है। उनका कंस्ट्रक्शन और खनन का कारोबार है। इसके लिए उनकी पत्नी और भाई के नाम कंपनियां रजिस्टर्ड हैं। बीते दो साल से विधायक कैंसर की बीमारी से पीड़ित हैं। वह फिलहाल विपुलखंड स्थित आवास पर आइसोलेशन में रहकर इलाज करा रहे हैं। बुधवार की सुबह करीब 9.30 बजे का समय था। तभी लखनऊ के साथ ही पैतृक आवास बलिया के रसड़ा कस्बा और सोनभद्र के राबर्टगंज में आयकर की अफसरों की टीमों ने एक साथ छापेमारी की। सोनभद्र में आयकर विभाग की टीम बाराती बनकर पहुंचे। दो गाड़ियों पर शादी के पम्पलेट लगे थे। लखनऊ स्थित आवास पर उनकी पत्नी और बेटे से पूछताछ हुई। इस दौरान उनकी छात्र शक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी और पत्नी के नाम कंपनियों द्वारा लिए गए ठेकों और खनन से होने वाली आय के दस्तावेजों को खंगाला गया। उधर टीम ने रसड़ा में उनके पैतृक आवास पर उनके भाई से जानकारी ली, वहीं राबर्ट्सगंज स्थित उनकी कंपनी के आफिस में भी सबूत खंगाले गए। कौशांबी में भी विधायक के परिवार का गिट्टी और बालू का मिक्सिंग प्लांट है। वहां पर भी टीम द्वारा कार्रवाई की गई। छापे के दौरान अनियमितता मिलीं, इसकी जानकारी नहीं मिल पा रही हैं।
उधर सुबह जैसे ही बसपा विधायक के यहां छापे की खबर मिली तो सियासी गलियारों में खलबली मच गई। विधायक के जानने वाले और रिश्तेदार मौके पर पहुंचे, लेकिन किसी को भी घर के अंदर जाने क इजाजत नहीं मिली।
छापे पर छलक पड़ा योगी के मंत्री का दर्द
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह योगी सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के समधी हैं। समधी के यहां आयकर विभाग की कार्रवाई पर योगी सरकार के मंत्री का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने एक्स पर लिखा कि उमांशकर सिंह के बेटे के लिए उनकी बेटी ब्याही है। देश-प्रदेश के राजनेता और आयकर समेत सभी संस्थाओं को पता है कि उमाशंकर सिंह दो साल से अधिक समय से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। वर्तमान समय में उमाशंकर सिंह के लिए धनार्जन नहीं सांसे बचाने में सारा समय और धन का व्यय हो रहा है। उनके सभी व्यवसाय लगभग बंद हो गए हैं। आज अपने आवास में आइसोलेशन में रह रहे हैं। विधान सभा सत्र एक विधायक के लिए महत्वपूर्ण होता है, लेकिन वह एक घंटे लिए भी नहीं जा सके।
उन्होंने लिखा कि इस समय उनके घर पर नर्स या डाक्टर को भी जाने की अनुमति नहीं हैं। यदि उनके जीवन की कोई हानि होती है तो ये संवेदनहीन संस्थाएं ही जिम्मेदार होंगी। इस प्रकार की परिस्थितियों में दुर्लभतम अपराधों में भी न्यायालय दया के आधार पर याचिका स्वीकार कर दोष मुक्त कर देते हैं। किंतु इस कठिन दौर में कौन संवेदनहीन राजनेता या संस्था हो सकती है जो ऐसी परिस्थितियों में भी पीड़ा देने की सोच सकता है। प्रभु ऐसे लोगों और संस्थाओं को सद्बुद्दि दे।













