हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: शनिवार 14 जून 2025
यरुशलम/तेल अवीव: ईरान ने शुक्रवार देर रात इजरायल पर बड़े पैमाने पर जवाबी हवाई हमले किए, जिसके बाद इजरायल के दो प्रमुख शहरों यरुशलम और तेल अवीव में विस्फोटों की आवाजें गूंजीं। समाचार एजेंसी एएनआई ने द टाइम्स ऑफ इजरायल के हवाले से बताया कि ईरान ने अब तक दो चरणों में इजरायल पर करीब 150 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। यह हमला इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ किए गए अब तक के सबसे बड़े सैन्य हमले के जवाब में हुआ।
तेल अवीव के आसमान में मिसाइलें, सायरन से दहशत हमले के दौरान तेल अवीव के ऊपर मिसाइलें देखी गईं, जिसके बाद पूरे इजरायल में हवाई हमले के सायरन बजने लगे। इजरायली अधिकारियों ने नागरिकों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की। इजरायली सेना ने बताया कि ईरान ने दो बार मिसाइलों से हमला किया, जिसमें 100 से अधिक मिसाइलें दागी गईं। सेना का दावा है कि अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया या वे कम दूरी पर गिर गईं। दो अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने इजरायली रक्षा प्रणाली के साथ मिलकर कई ईरानी मिसाइलों को मार गिराया।
हालात तनावपूर्ण, कई इमारतें क्षतिग्रस्त टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, हमले में नौ प्रभाव स्थलों की सूचना मिली है, जिनमें करीब 15 लोग घायल हुए हैं, हालांकि अधिकांश की हालत स्थिर है। इजरायल के चैनल 12 ने बताया कि दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि आठ लोगों को मामूली चोटें आईं और 34 लोग छर्रों से हल्के घायल हुए। तेल अवीव के पास रमत गान में एक आवासीय क्षेत्र में एक अपार्टमेंट ब्लॉक को नुकसान पहुंचा, वहीं मध्य तेल अवीव में एक अन्य इमारत की कई मंजिलें क्षतिग्रस्त हो गईं।
खामेनेई का कड़ा बयान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने शनिवार को इजरायल को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “इजरायली शासन ने बहुत बड़ी गलती की है। यह एक गंभीर त्रुटि और लापरवाही है, जिसके परिणाम उसे बर्बाद कर देंगे।” खामेनेई ने कहा कि ईरान के सशस्त्र बल पूरी तरह तैयार हैं और देश की जनता अपने सैनिकों के साथ खड़ी है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान अपने शहीदों का बदला लेगा और अपने हवाई क्षेत्र के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगा।
पृष्ठभूमि और क्षेत्रीय तनाव यह हमला इजरायल द्वारा ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर किए गए हालिया हमलों के जवाब में देखा जा रहा है। इजरायली सेना ने दावा किया कि उनके हमले ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को रोकने के लिए जरूरी थे। दूसरी ओर, ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई की। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
















