हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
नई दिल्ली। अगले वर्ष से तीनों सेनाओं के 75 फीसदी अग्निवीर कार्यमुक्त होने लगेंगे। इनके लिए अर्धसैनिक बलों, पुलिस, सार्वजनिक उपक्रमों और विभिन्न राज्यों की सरकारी नौकरियों में सीटें आरक्षित की गई हैं। विशेष रूप से नौसेना से कार्यमुक्त होने वाले सभी अग्निवीरों को तटरक्षक बल में स्थायी नौकरी दी जाएगी। रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाला तटरक्षक बल समुद्री सीमाओं की सुरक्षा संभालता है, जबकि नौसेना दूर समुद्र में अभियान चलाती है। सूत्रों के अनुसार नौसेना में प्रशिक्षित अग्निवीर तटरक्षक बल के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे क्योंकि दोनों बलों का कार्यक्षेत्र तकनीकी रूप से काफी समान है। नौसेना के पहले बैच में 2,600 युवाओं की भर्ती हुई थी, जिनमें से 650 को स्थायी रूप से नौसेना में रखा जाएगा, जबकि शेष 1,950 अग्निवीर तटरक्षक बल में शामिल किए जाएंगे। थल सेना से निकले अग्निवीरों की सबसे अधिक मांग निजी सुरक्षा एजेंसियों, अर्धसैनिक बलों और पुलिस बलों में रहने की संभावना है। वहीं वायुसेना के अग्निवीरों की निजी एविएशन कंपनियों में मांग होगी। मार्च 2026 में पहला बैच कार्यमुक्त होगा और इसके बाद बड़े पैमाने पर अग्निवीर नई भूमिकाओं में योगदान देंगे।













