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पीएम मोदी आज करेंगे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत, अरावली ग्रीन वॉल परियोजना को भी मिलेगा नया विस्तार

नई दिल्ली, 5 जून 2025 – विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अरावली पर्वत श्रृंखला को फिर से हराभरा बनाने की ऐतिहासिक पहल का शुभारंभ करेंगे। इसी के साथ वह बहुचर्चित अभियान ‘एक पेड़ मां के नाम’ के दूसरे चरण की भी शुरुआत करेंगे। इस जन आंदोलन की नींव पीएम मोदी ने 5 जून 2024 को रखी थी, और अब एक साल के भीतर यह अभियान 109 करोड़ पौधारोपण के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुका है।

अरावली ग्रीन वॉल परियोजना को नई ऊर्जा

इस अवसर पर पीएम मोदी दक्षिण दिल्ली के रिज क्षेत्र में पौधारोपण करेंगे, जो अरावली पर्वतमाला का हिस्सा है। यह पर्वतमाला लगभग 700 किलोमीटर लंबी है और दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों से होकर गुजरती है। सरकार का उद्देश्य इस पहल के जरिए बंजर होती जा रही अरावली श्रंखला को फिर से हरित बनाना और मरुस्थलीकरण को रोकना है।

29 जिलों में बनेंगी एक हजार नर्सरी

पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना के तहत चार राज्यों के 29 जिलों में लगभग एक हजार नर्सरी विकसित की जाएंगी। इन नर्सरियों के जरिए करोड़ों पौधे तैयार किए जाएंगे जो स्थानीय जैव विविधता को संरक्षित करने में भी सहायक होंगे।

चार राज्यों के मुख्यमंत्री होंगे शामिल

इस अभियान की लॉन्चिंग के दौरान दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के मुख्यमंत्री भी वर्चुअल या भौतिक रूप से जुड़ेंगे और अपने-अपने राज्यों में पौधारोपण के कार्यक्रमों में भाग लेंगे।

अरावली ग्रीन वॉल: एक रणनीतिक प्रयास

सरकार ने मार्च 2023 में ‘अरावली ग्रीन वॉल’ पहल की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य गुजरात से दिल्ली तक पांच किलोमीटर चौड़ी हरित पट्टी (बफर जोन) विकसित करना है। यह पहल लगभग 64 लाख हेक्टेयर भूमि को कवर करेगी, जिसमें से 42% भूमि बंजर मानी गई है। इस परियोजना के माध्यम से खनन, अतिक्रमण, वन कटाई और चराई जैसी समस्याओं से लड़ने की उम्मीद है।

जैव विविधता का भी संरक्षण

अरावली श्रंखला के भीतर चार बाघ अभयारण्य और 22 वन्यजीव अभयारण्य हैं। पर्यावरणविदों का मानना है कि यह हरित पहल न केवल जलवायु परिवर्तन से लड़ने में सहायक होगी बल्कि वन्य जीवन और पारिस्थितिकी को भी मजबूती देगी।

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