हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: शनिवार 28 जून 2025 नई दिल्ली
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 2 जुलाई से 9 जुलाई तक पांच देशों — घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया — की महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर रहेंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। यह यात्रा भारत के लिए रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस दौरे का उद्देश्य वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका को और मज़बूती देना, ग्लोबल साउथ में भारत के प्रभाव को बढ़ाना, और इन देशों के साथ आर्थिक, ऊर्जा, रक्षा और विकास सहयोग को नया आयाम देना है।
यात्रा कार्यक्रम का विवरण:
घाना (2-3 जुलाई):
प्रधानमंत्री की इस यात्रा की शुरुआत घाना से होगी। यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की घाना की पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। पीएम मोदी यहां राष्ट्रपति नाना अकुफो-आड्डो के साथ विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इस चरण का उद्देश्य पश्चिम अफ्रीका में भारत की मौजूदगी और ECOWAS के साथ सहयोग को और गहरा करना है।
त्रिनिदाद और टोबैगो (3-4 जुलाई):
यात्रा का दूसरा चरण त्रिनिदाद और टोबैगो होगा, जहां प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू और प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने आमंत्रित किया है। पीएम मोदी यहां त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित कर सकते हैं। यह दौरा भारत और कैरेबियाई देशों के ऐतिहासिक रिश्तों को नया बल देगा।
अर्जेंटीना (4-5 जुलाई):
प्रधानमंत्री अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता रक्षा, ऊर्जा, कृषि, खनन, निवेश जैसे विविध क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को विस्तार देने पर बातचीत करेंगे। यह यात्रा अर्जेंटीना के साथ भारत की बहुआयामी भागीदारी को मज़बूत करेगी।
ब्राजील (5-8 जुलाई):
पीएम मोदी ब्राजील के रियो डी जनेरियो में 17वें BRICS शिखर सम्मेलन (6-7 जुलाई) में हिस्सा लेंगे। इस बार के शिखर सम्मेलन का फोकस रहेगा — वैश्विक शासन में सुधार, जलवायु कार्रवाई, एआई का जिम्मेदार उपयोग और वैश्विक स्वास्थ्य। पीएम मोदी यहां ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।
नामीबिया (9 जुलाई):
यात्रा का अंतिम चरण नामीबिया में होगा। पीएम मोदी राष्ट्रपति नेटुम्बो नंदी-नडैतवाह के निमंत्रण पर वहां राजकीय यात्रा पर जाएंगे। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की तीसरी नामीबिया यात्रा होगी। बातचीत में ऊर्जा, वाइल्डलाइफ सहयोग, रक्षा और व्यापार जैसे मुद्दे शामिल होने की संभावना है।
ग्लोबल साउथ की आवाज़ बनने की कोशिश
यह यात्रा भारत की ग्लोबल साउथ में सक्रिय भूमिका को दर्शाती है। हाल के वर्षों में अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों के साथ भारत के संबंधों में नया उत्साह देखा गया है। प्रधानमंत्री की इस यात्रा से न सिर्फ द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे, बल्कि भारत की वैश्विक नेतृत्वकारी भूमिका को भी मजबूती मिलेगी।