हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
लोक आस्था के अनोखे आयोजन के बीच मॉनसून फिर हुआ सक्रिय, चार दिन बारिश का अलर्ट
सूरजपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में अच्छी बारिश और बेहतर फसल की कामना के लिए ग्रामीणों ने सदियों पुरानी लोक परंपरा निभाते हुए मेंढक और मेंढकी का पूरे वैदिक रीति-रिवाज से विवाह कराया। प्रतापपुर विकासखंड के खूंशी गांव में आयोजित इस अनोखे समारोह में शादी के कार्ड छपवाए गए, आसपास के गांवों में निमंत्रण भेजा गया और बैंड-बाजे के साथ बारात भी निकाली गई। विवाह के बाद सामूहिक पूजा और भंडारे का आयोजन भी किया गया।
वैदिक मंत्रों के बीच हुए सात फेरे
ग्रामीणों ने इस आयोजन को प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि वास्तविक विवाह की तरह संपन्न कराया। हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मेंढक-मेंढकी के सात फेरे कराए गए। आयोजन समिति के सदस्य रामनाथ सिंह ने बताया कि क्षेत्र में जब भी सूखे जैसे हालात बनते हैं, तब यह परंपरा निभाई जाती है। ग्रामीणों का विश्वास है कि इससे वर्षा के देवता इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं और अच्छी वर्षा होती है।
प्रदेश में अब तक सामान्य से 17% कम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 8 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में 239.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 286.7 मिमी होनी चाहिए थी। यानी अब तक राज्य में करीब 17 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि राहत की बात यह है कि तीन दिन की सुस्ती के बाद मॉनसून फिर सक्रिय हो गया है और अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इससे पहले 4 से 6 जुलाई के बीच हुई भारी बारिश से रायपुर, दुर्ग, भिलाई, धमतरी और गरियाबंद के कई निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। विभाग ने आशंका जताई है कि आगामी बारिश से इन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या फिर बढ़ सकती है।













