हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: 21 जुलाई 2025
अलीगढ़। ऐतिहासिक घंटाघर पार्क, अलीगढ़ रविवार को पर्यावरण प्रेमियों और समाजसेवियों के उत्साह और संकल्प का गवाह बना। स्वतंत्र पत्रकार मनोज अलीगढ़ी के नेतृत्व में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रबुद्ध नागरिकों, शिक्षित समुदाय और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने दायित्व का भावपूर्ण प्रदर्शन किया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ पौधे लगाना नहीं, बल्कि हर व्यक्ति के मन में हरियाली की भावना को जीवंत करना था। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि प्रतिभागियों को पौधे लगे गमले उपहार स्वरूप भेंट किए गए। यह उपहार एक प्रतीक था— पर्यावरण रक्षक बनने की जिम्मेदारी का।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बलजीत सिंह, उपनिदेशक उद्यान, अलीगढ़ मंडल ने बताया कि विभाग फलदार वृक्षों को प्रोत्साहित कर रहा है और महिलाओं को कुटीर उद्योगों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास में जुटा है। वन विभाग के रेंजर गौरव सिंह ने सरकार द्वारा निर्धारित 35 करोड़ पौधों के लक्ष्य की जानकारी दी और समाज की सक्रिय भागीदारी पर प्रसन्नता जाहिर की।

सहकारी बैंक के प्रबंधक मनोज कुमार सागर ने कहा कि यदि समाज का पढ़ा-लिखा वर्ग आगे आता है तो पर्यावरण संरक्षण एक जनांदोलन बन सकता है। दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय की इमरजेंसी प्रभारी रोज मैरी ने स्वच्छ पर्यावरण को स्वस्थ जीवन के लिए अनिवार्य बताते हुए इस आयोजन की सराहना की।

उत्तर प्रदेश बॉक्सिंग फेडरेशन के एनआईएस कोच सोम प्रकाश ने युवाओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक होने और सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया। गुरुद्वारा साहिब कमेटी के प्रमुख तारा सिंह बांगड़ी और वरिष्ठ पत्रकार आलोक सिंह ने कार्यक्रम की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
कार्यक्रम संयोजक मनोज अलीगढ़ी ने अपने उद्बोधन में कहा कि औद्योगिकीकरण और बढ़ती जनसंख्या के कारण हमने प्रकृति का बहुत नुकसान किया है। अब वक्त आ गया है कि हम सभी अपने स्तर से प्रयास करें और विशेष रूप से शिक्षित वर्ग को इस दिशा में पहल करनी चाहिए।

पर्यावरण एवं पर्यटन विकास समिति के प्रबंधक सचिव रंजन राना ने कहा कि मनोज अलीगढ़ी की यह पहल पर्यावरण जागरूकता के क्षेत्र में एक मजबूत कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मुहिम आने वाले समय में और भी व्यापक रूप लेगी।
इस अवसर पर उपस्थित प्रबुद्ध नागरिकों को पौधे लगे गमले देकर “पर्यावरण रक्षक” की उपाधि दी गई। इस सम्मान ने लोगों को केवल एक उपहार नहीं, बल्कि अपने कर्तव्य का एहसास भी कराया कि हर व्यक्ति को अपने घर से शुरुआत करनी होगी।
इस आयोजन में जिन प्रमुख लोगों ने भाग लिया, उनमें के. के. सिंह, रितु सागर, प्रेमलता सिंह, आलोक सिंह, ओमवती, रफत परवीन, गुलशाद बेगम, आरती देवी, अजीत बागड़ी, परमजीत पम्मी, ओवेश इकबाल, मो. जाहिद, मो. फैज, भगवान दास, शिवकुमार, सुनील कुमार, मुबारक अली, विशाल सक्सेना, विनीता देवी, शाजिया सैफ, अमित पैट्रिक, अशोक कुमार, शबीना अख्तर और मो. इमरान शामिल रहे।
कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि पर्यावरण की रक्षा अब एक सामाजिक आंदोलन का रूप ले रही है और इसकी शुरुआत हर घर से होनी चाहिए, तभी हर दिल में हरियाली का सपना साकार हो पाएगा।














