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उत्तर प्रदेश में देसी नस्ल की गायों की प्रतियोगिता का आयोजन करेगा राज्य सरकार

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 5 मई : 2025,

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पशुपालन एवं दुग्ध विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अफसरों को निर्देश दिए कि गाय के गोबर से बने प्राकृतिक पेंट का उपयोग अब सरकारी भवनों में भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और गोआधारित उत्पादों की मांग में भी इजाफा होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पेंट निर्माण करने वाले प्लांटों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि इस पहल को बड़े स्तर पर लागू किया जा सके।

देसी गायों की प्रतियोगिता और गौ-आधारित उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर

मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि मंडल स्तर पर देसी नस्ल की गायों की प्रतियोगिता कराई जाए और उत्तम गो आश्रय स्थलों को चिन्हित कर सम्मानित किया जाए। साथ ही, गौ-आधारित उत्पाद बनाने वाली संस्थाओं के बीच भी प्रतियोगिता आयोजित की जाए ताकि नवाचार को बढ़ावा मिल सके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त किया जा सके।

गरीब परिवारों को योजना के तहत मिलेगी गाय, पोषण और आजीविका में होगा सुधार

सीएम योगी ने निर्देश दिया कि जिन गरीब परिवारों के पास पशुधन नहीं है, उन्हें मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत गाय उपलब्ध कराई जाए। इससे एक ओर जहां उन्हें गोसेवा का पुण्य मिलेगा, वहीं दूसरी ओर दूध की उपलब्धता से पोषण स्तर में भी सुधार होगा।

11.49 लाख गोवंश का संरक्षण, CCTV से निगरानी और पशुचिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित

मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि राज्य के 7693 गो आश्रय स्थलों में 11.49 लाख गोवंश संरक्षित हैं। इनकी सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है और नियमित निरीक्षण भी हो रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आश्रय स्थलों में केयरटेकर की तैनाती, समय पर वेतन, भूसा बैंक की स्थापना, हरा चारा, चोकर और पानी की समुचित व्यवस्था की जाए। साथ ही पशु चिकित्सकों द्वारा समय-समय पर जांच कराना भी अनिवार्य किया गया।

आठ वर्षों में खाद्यान्न उत्पादन में 167.66 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि

कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के किसानों ने रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन किया है। वर्ष 2016-17 में जहां उत्पादन 557.46 लाख मीट्रिक टन था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह 725.12 लाख मीट्रिक टन से अधिक हो गया है। इसी दौरान दलहन और तिलहन उत्पादन में भी दोगुना से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है।

बीजों की गुणवत्ता और जलवायु अनुसार विकास पर विशेष बल

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न जलवायु क्षेत्रों के अनुसार बीज विकसित किए जाएं और बीज विकास निगम द्वारा किसानों से खरीदे जाने वाले बीजों की मूल्य दर बढ़ाई जाएलखनऊ में प्रस्तावित चौधरी चरण सिंह बीज पार्क की स्थापना को तुरंत प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने इसे “बीज क्षेत्र में क्रांति का आधार” बताया और उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद जैसे संस्थानों के अधिकतम उपयोग पर बल दिया।

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