हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
भारतीय महिला हॉकी टीम की कमान फिर स्जोर्ड मारिजने के हाथ
भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए एक बार फिर बड़ा फैसला लिया गया है। हॉकी इंडिया ने टीम के नए हेड कोच के रूप में स्जोर्ड मारिजने (Sjoerd Marijne) की वापसी का ऐलान किया है। टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारतीय महिला टीम को ऐतिहासिक चौथे स्थान तक पहुंचाने वाले मारिजने करीब पांच साल बाद दोबारा इस भूमिका में लौटे हैं। वह हरेंद्र सिंह की जगह लेंगे, जिन्होंने पिछले साल दिसंबर में निराशाजनक प्रदर्शन और कोचिंग शैली को लेकर उठे विवादों के बाद इस्तीफा दे दिया था।
टोक्यो की सफलता के नायक रहे मारिजने
51 वर्षीय स्जोर्ड मारिजने इससे पहले 2017 से 2021 तक भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच रह चुके हैं। उनके कार्यकाल में टीम ने न सिर्फ ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन किया, बल्कि पहली बार वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप-10 में जगह बनाई। मारिजने को टीम को एकजुट रखने, युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताने और आक्रामक खेल शैली विकसित करने का श्रेय दिया जाता है। टोक्यो ओलंपिक के बाद उन्होंने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ा था।
कोचिंग स्टाफ में भी दिखा अनुभव का तड़का
मारिजने के साथ इस बार कोचिंग स्टाफ भी मजबूत किया गया है। उन्हें स्ट्रेटिजिक कोच के रूप में मटियास विला का साथ मिलेगा। वहीं दक्षिण अफ्रीका के वेन लोम्बार्ड भी भारतीय महिला हॉकी सेटअप में वापसी कर रहे हैं। लोम्बार्ड एक बार फिर वैज्ञानिक सलाहकार और एथलेटिक प्रदर्शन प्रमुख की जिम्मेदारी संभालेंगे, जिससे खिलाड़ियों की फिटनेस और प्रदर्शन पर खास फोकस रहेगा।
वापसी पर क्या बोले मारिजने
हेड कोच बनने के बाद मारिजने ने कहा, “वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है। साढ़े चार साल बाद मैं नई ऊर्जा और साफ रणनीति के साथ लौटा हूं। मेरा लक्ष्य टीम के विकास में योगदान देना और खिलाड़ियों को वर्ल्ड लेवल पर अपनी पूरी क्षमता हासिल करने में मदद करना है।”
संघर्ष के दौर से गुजर रही टीम
टोक्यो की सफलता के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम को कठिन दौर से गुजरना पड़ा। कप्तान रानी रामपाल, वंदना कटारिया और दीप ग्रेस एक्का जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के संन्यास से टीम कमजोर हुई। भारत 2024 पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं कर सका, हालांकि 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2023 एशियाई खेलों में कांस्य पदक जरूर जीते। एशिया कप 2024 में रजत पदक भी टीम के खाते में गया, लेकिन विश्व कप के लिए सीधा टिकट नहीं मिल सका।
मारिजने की पहली बड़ी परीक्षा
हेड कोच के तौर पर मारिजने की पहली बड़ी चुनौती 8 से 14 मार्च तक हैदराबाद में होने वाले विश्व कप क्वालीफायर होंगे। वह 14 जनवरी को भारत पहुंचेंगे, जबकि राष्ट्रीय कोचिंग शिविर 19 जनवरी से एसएआई, बेंगलुरु में शुरू होगा।













