गैर-जमानती वारंट जारी, अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल — परिवार ने दी आत्मदाह की चेतावनी
अलीगढ़। रोरावर क्षेत्र में हुए टीवीएस शोरूम मालिक अभिषेक गुप्ता हत्याकांड में फरार चल रहीं महामंडलेश्वर पूजा शकुन पांडेय की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी कर दिया है और चार टीमें गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह अब गिरफ्तारी से कुछ ही कदम दूर हैं। इस बीच पूजा शकुन पांडेय ने अग्रिम जमानत के लिए न्यायालय में अर्जी दाखिल की है, जिस पर 7 अक्टूबर को सुनवाई होनी है।
घटना की पृष्ठभूमि
यह सनसनीखेज वारदात 26 सितंबर की रात को हुई थी। हाथरस जिले के सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव कचौरा निवासी 25 वर्षीय अभिषेक गुप्ता अपने पिता और चचेरे भाई के साथ खैर स्थित टीवीएस शोरूम बंद कर लौट रहे थे, तभी खेरेश्वर चौराहे पर बस में चढ़ते समय उन्हें गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में अब तक दोनों शूटरों के साथ पूजा शकुन पांडेय के पति अशोक पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस जांच में सामने आया कि पूजा और अशोक ने तीन लाख रुपये में अभिषेक की हत्या की सुपारी दी थी। पूजा का अभिषेक से नजदीकी संबंध था और वह उसे किसी भी हाल में अपने नियंत्रण में रखना चाहती थी। जब अभिषेक ने उससे दूरी बनाना शुरू किया और शोरूम खोला, तो पूजा उससे पार्टनरशिप की मांग करने लगी। अभिषेक ने इनकार किया, जिससे वह बौखला गई और हत्या की साजिश रच डाली।
अभिषेक के परिवार का गुस्सा — आत्मदाह की चेतावनी
अभिषेक की हत्या के नौ दिन बीत जाने के बाद भी पूजा शकुन पांडेय की गिरफ्तारी न होने से परिवार में गहरा आक्रोश है। अभिषेक के भाई आशीष गुप्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर ढिलाई बरत रही है। उन्होंने कहा कि परिवार ने पूजा के संपर्क में रह रहे कुछ लोगों के नाम पुलिस को बताए हैं, मगर कार्रवाई नहीं हुई।
आशीष ने चेतावनी दी है कि अगर दो दिन में पूजा की गिरफ्तारी नहीं होती, तो वह अपने पिता, बहन और पूरे परिवार सहित एसएसपी कार्यालय के सामने आत्मदाह करेंगे। शुक्रवार को अभिषेक के पिता नीरज गुप्ता ने एसएसपी से मिलकर यह चेतावनी लिखित में दी और आरोपियों पर एनएसए लगाने की मांग की।
अभिषेक और पूजा के बीच विवाद की कहानी
अभिषेक की उम्र 17 वर्ष थी, जब उसका संपर्क पूजा शकुन पांडेय से हुआ। शुरुआत में दोनों के संबंध सामान्य थे, लेकिन बाद में पूजा ने अभिषेक के पिता से पांच लाख रुपये ब्याज पर लिए, जो एक साल तक वापस नहीं किए। जब रुपये मांगे गए तो उसने उल्टा अभिषेक पर गंभीर केस में फंसाने की कहानी गढ़ दी। इसके बाद से अभिषेक का जीवन परेशानियों से घिर गया।
करीब एक साल पहले पूजा ने अभिषेक पर हमला तक करवा दिया था। पहले नौरंगाबाद क्षेत्र में कुछ युवकों ने उसके साथ मारपीट की, फिर वार्ष्णेय कॉलेज के बाहर हमला हुआ। बाद में पुलिस जांच में पता चला कि इन दोनों हमलों के पीछे भी पूजा का हाथ था। इन घटनाओं के बाद अभिषेक ने उससे दूरी बना ली थी।
शादी की बात से नाराज थी पूजा
घटना से तीन दिन पहले ही अभिषेक ने अपने पिता से कहा था, “अब मैं शादी करना चाहता हूं।” उसने एक स्थानीय परिवार में रिश्ता तय करने की भी बात शुरू की थी। यह सुनकर पूजा शकुन पांडेय नाराज हो गई। वह धमकी देती थी कि “अगर अभिषेक मेरा नहीं हुआ तो किसी का नहीं होने दूंगी।” इसी डर से अभिषेक ने काफी समय तक शादी नहीं की थी, लेकिन हाल के दिनों में उसने दृढ़ निश्चय कर लिया था कि वह अब इस रिश्ते से मुक्त होकर नया जीवन शुरू करेगा।
पूजा की निगरानी और उत्पीड़न
अभिषेक के भाई आशीष के मुताबिक, पूजा लगातार अभिषेक पर नजर रखती थी। वह दिनभर में 15 से 20 बार कॉल करती, देर रात तक बातें करती और उसकी लोकेशन ट्रैक करती थी। अभिषेक के फोन में पूजा द्वारा भेजे गए कई रील और वीडियो कॉल रिकॉर्ड भी मिले हैं। जब अभिषेक ने ऐसे वीडियो भेजने से मना किया, तो पूजा बिफर गई और विवाद बढ़ गया।
जमानत और पुलिस कार्रवाई
पूजा शकुन पांडेय ने अब अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत की अर्जी दी है, जिस पर अदालत में सुनवाई की तारीख 7 अक्टूबर तय की गई है। वहीं, उसके पति अशोक पांडेय की निचली अदालत में जमानत याचिका खारिज हो चुकी है, अब सत्र न्यायालय में पुनः अर्जी दी जाएगी।
पुलिस ने पूजा की गिरफ्तारी के लिए राजस्थान, मध्यप्रदेश और पूर्वांचल तक दबिश दी है, लेकिन अब तक वह हाथ नहीं आई है। पुलिस उसके रिश्तेदारों और करीबियों की सीडीआर खंगाल रही है।
पुलिस पर लापरवाही के आरोप
आशीष गुप्ता ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मी भी पूजा के पैर छूते थे, इसलिए जानबूझकर गिरफ्तारी में देरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने समय रहते सख्ती नहीं की तो परिवार आत्मदाह की अपनी चेतावनी को अंजाम देगा।
अंतिम स्थिति
एसएसपी ने पूजा शकुन पांडेय पर ₹25,000 का इनाम घोषित किया है। एएसपी व सीओ प्रथम मयंक पाठक ने बताया कि पुलिस की टीमें लगातार उसकी तलाश में लगी हैं और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अभिषेक गुप्ता के परिजनों ने कहा कि वह न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखेंगे, क्योंकि अभिषेक ही उनके परिवार का “दीया” था, जिसे एक सोची-समझी साजिश में बुझा दिया गया।













