हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
आंध्र प्रदेश की राजनीति में बढ़ा तनाव
आंध्र प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब पेम्मासानी चंद्रशेखर ने पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी को लेकर विवादित बयान दे दिया। तेलुगू देशम पार्टी (तेलुगू देशम पार्टी) के नेता और केंद्रीय मंत्री पेम्मासानी ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो जगन को जान से मारना “बहुत मुश्किल नहीं होगा।” इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है।
क्या कहा पेम्मासानी ने?
गुंटूर से सांसद पेम्मासानी चंद्रशेखर ने कहा कि अगर जगन मोहन रेड्डी, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और टीडीपी नेताओं के खिलाफ बयानबाजी जारी रखते हैं, तो गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उनके इस बयान को विपक्ष ने भड़काऊ और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है।
YSR कांग्रेस का कड़ा विरोध
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के प्रवक्ता शेख मोहम्मद शरीफ ने कहा कि एक केंद्रीय मंत्री द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने पेम्मासानी को मंत्री पद के लिए अयोग्य बताते हुए केंद्र सरकार से कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि जगन मोहन रेड्डी केवल नेता नहीं बल्कि जनता के विश्वास का प्रतीक हैं।
‘क्रेडिट वॉर’ से बढ़ा विवाद
यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू पर परियोजनाओं का श्रेय लेने का आरोप लगाया। जगन के अनुसार, आर्सेलरमित्तल स्टील प्लांट प्रोजेक्ट की नींव उनके कार्यकाल में पड़ी थी और 2022 में आदित्य मित्तल के साथ हुई बातचीत में 4800 करोड़ रुपये के निवेश पर सहमति बनी थी।
लगातार हमलावर हैं जगन
सत्ता से बाहर होने के बाद जगन मोहन रेड्डी लगातार राज्य सरकार पर हमलावर हैं। उनका आरोप है कि पहले टीडीपी ने कई परियोजनाओं में अड़चन डाली और अब उन्हीं योजनाओं को अपने नाम से आगे बढ़ा रही है। इस बीच पेम्मासानी का बयान राजनीतिक बयानबाजी को और तीखा बना गया है।
पेम्मासानी चंद्रशेखर का बयान न केवल राजनीतिक मर्यादाओं पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि राज्य की सियासत में बढ़ती कटुता को भी उजागर करता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक घमासान और तेज होने की संभावना है।













