हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ ✑ सोमवार 26 मई 2025
उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में इस बार गर्मियों की छुट्टियां शिक्षामित्रों के लिए एक नई सौगात लेकर आई हैं। पहली बार ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान आयोजित हो रहे समर कैंप में ड्यूटी करने वाले शिक्षामित्रों को 6000 रुपये का पारिश्रमिक (मानदेय) दिया जाएगा। इस संबंध में शासन स्तर से निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह राशि केवल उन्हीं शिक्षामित्रों को दी जाएगी जिनकी ड्यूटी समर कैंप में लगाई गई है।
शिक्षा विभाग के इस कदम से शिक्षामित्रों को जहां आर्थिक सहयोग मिलेगा, वहीं छात्रों के लिए भी गर्मी की छुट्टियां रचनात्मक और उपयोगी बनेंगी। समर कैंप का आयोजन प्रदेश के जूनियर और माध्यमिक विद्यालयों में 21 मई से शुरू हो चुका है और यह 10 जून तक चलेगा। इन कैंपों में कक्षा 6 से 8 तक के छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया है। खास बात यह है कि प्राथमिक स्तर के बच्चों को इस बार समर कैंप से अलग रखा गया है, ताकि गतिविधियों का फोकस विशेष उम्र वर्ग पर केंद्रित रह सके।
बदायूं के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह के अनुसार, जनपद के करीब 800 विद्यालयों में समर कैंप की जिम्मेदारी शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को सौंपी गई है। जिन विद्यालयों में अनुदेशक उपलब्ध नहीं हैं, वहां निकटतम विद्यालय के शिक्षामित्रों को ड्यूटी पर लगाया गया है, ताकि समर कैंप की सभी गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित हो सकें।
समर कैंप में बच्चों को योग, विज्ञान व प्रौद्योगिकी आधारित गतिविधियां, कार्यशालाएं, रचनात्मक लेखन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और संस्कार आधारित गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे बच्चों की रचनात्मकता और सोचने की क्षमता को बढ़ावा मिल रहा है।
शिक्षामित्रों को पहली बार ग्रीष्मकालीन अवकाश में कार्य का अवसर और आर्थिक प्रोत्साहन एक साथ मिला है। यह मानदेय सीधे शिक्षामित्रों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। इस निर्णय से शिक्षामित्रों में खासा उत्साह है और वे समर कैंप को सफल बनाने में पूरी तन्मयता से जुटे हुए हैं।














