• Home
  • Delhi
  • 11वीं भारत मक्का समिट का केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने किया शुभारंभ
Image

11वीं भारत मक्का समिट का केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने किया शुभारंभ

हिन्दुस्तान मिरर :नई दिल्ली, 7 जुलाई 2025,

हम कोशिश करें कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी धरती अन्न पैदा करती रहे- शिवराज सिंह

मक्का तीसरी सबसे बड़ी क्रॉप, लेकिन प्रोडक्टिविटी बढ़ाना हैं, कई तरह के शोध की ज़रूरत-शिवराज सिंह

आईसीएआर ने मक्का की कई नई किस्में विकसित की, जिनमें 77 हाइब्रिड किस्में भी हैं-शिवराज सिंह

नई दिल्ली, 7 जुलाई 2025, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज दिल्ली में भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) द्वारा आयोजित 11वें भारत मक्का समिट-2025 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर शिवराज सिंह ने मक्का उत्पादन के क्षेत्र में नवाचार एवं उत्कृष्ट योगदान देने वाले किसानों को सम्मानित किया।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने यहां कहा कि कृषि आज भी भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा, उसके प्राण व किसानों की सेवा मेरे लिए भगवान की पूजा है, ये मेरे लिए मूल मंत्र है। इसलिए, जब यहां कहा जा रहा था कि मक्के को एक ताकत के रूप में स्थापित करना है, मुझे तो किसान को एक ताकत के रूप में स्थापित करना है, उसमें मक्का भी सहयोगी हो। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी नीति है- देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना, किसानों की आमदनी बढ़ाना, खेती को लाभ का धंधा बनाना, पोषणयुक्त आहार कैसे हमारी जनता को मिले, उसकी कोशिश करना तथा एक और लक्ष्य है हमारा कि ये धरती केवल हमारे लिए नहीं है, आने वाली पीढ़ियों का भी इस पर हक है, इसलिए हम कोशिश ये करें कि आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती अन्न पैदा करती रहे। कहीं ऐसा न हो कि हम अधिकतम उत्पादन के चक्कर में इसका इतना शोषण कर लें कि बाद में वो बंजर होने की दिशा में बढ़ जाएं। आने वाली पीढ़ियों का भी ख़याल रखना है

शिवराज सिंह ने कहा कि मक्का में अभी कई चीजों की ज़रूरत है। मक्का तीसरी सबसे बड़ी क्रॉप हो गई है, पर प्रोडक्टिविटी बढ़ाना हैं। स्टार्च कम है, कई तरह के शोध की ज़रूरत है। अमेरिका, ब्राज़ील में कितना मक्का उत्पादन होता है। हम जीएम सीड्स का इस्तेमाल नहीं करते, इसके बावजूद उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। हमने वैज्ञानिकों को निर्देश दिए हैं कि मक्का में उत्पादन कैसे बढ़े, क्योंकि 1990 के दशक में केवल 10 मिलियन टन उत्पादन था, अब ये बढ़कर लगभग 42.3 मिलियन टन तक पहुंच गया है और आगे ये 86 मिलियन टन पहुंच सकता है 2027 तक। अभी हमारी जो एवरेज प्रोडक्टिविटी है 3.78 टन प्रति हेक्टेयर, कुछ राज्यों- बंगाल, बिहार में प्रोडक्टिविटी एवरेज से ज़्यादा है। ओवरऑल अभी और बढ़ाने की ज़रूरत है। ये अलग बात है कि कुछ किसान बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, जिनसे शिवराज सिंह ने अन्यों को भी शिक्षित करने में मदद का अनुरोध किया।

श्री चौहान ने कहा कि हमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद को भी धन्यवाद देना चाहिए कि मक्का की कई नई किस्में-265 वैरायटी विकसित की हैं, जिनमें से 77 हाइब्रिड किस्में भी हैं, जिसमें स्पेशलिटी कॉर्न शामिल है और करीब 30 बायोफॉर्टिफाइड भी हैं, यानी काम हुआ है, लेकिन मुझे लगता है काम और करने की ज़रूरत है। शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार ने भी कसर नहीं छोड़ी है। बीच में मक्का के रेट काफ़ी गिर गए थे, लेकिन एमएसपी, एथनॉल लक्ष्य सहित सरकार की नीतियों से दाम फिर बढ़े हैं। मक्का के किसानों को ठीक दाम मिले, इसकी हम कोशिश करते रहेंगे। उत्पादन लागत कैसे घटे, इसके भी निर्देश दिए हैं। रिसर्च करके प्रति हेक्टेयर हम कैसे लागत घटा सकते हैं, इस दिशा में भी काम करना पड़ेगा।

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि ग्लोबल वॉर्मिंग, जलवायु परिवर्तन आज के बड़े मुद्दे हैं। इन खतरों से निपटने वाली फसलें भी हमें चाहिए। हमारे रेनफेड इलाक़े में मक्के का उत्पादन कैसे बढ़े, जहां ज़्यादा पानी गिरता है, वहां फसल कैसे टिकी रहे और इसलिए उस तरह की किस्मों के लिए भी हम लोग लगातार काम करते रहेंगे। पंजाब, हरियाणा में फसल विविधीकरण जरूरी है, इसलिए धान की जगह कुछ किसान मक्का में शिफ्ट हो जाएं, इसका हम प्रयत्न कर रहे हैं, वैसे मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में मक्का का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है। श्री चौहान ने कहा कि देश को तिलहन-तेल की भी जरूरत है, लेकिन कुछ चीजें हमें और करना पड़ेगी, डीडीजीएस जो एक सहायक उत्पाद है उसमें प्रोटीन काफी होता है लेकिन मक्के से ज्यादा चावल में होता है, मक्के में अगर 25% से 30% है तो चावल में 40% से 45% है, ये प्रोटीन मक्का में कैसे बढ़े, इसकी हम चिंता कर रहे हैं। स्वीट कॉर्न, बेबी कॉर्न ये ऐसी फसलें हैं, जिससे किसान को तत्काल लाभ मिलता है और तीन-तीन, चार-चार बार हम ये फसल पैदा कर सकते हैं। उनकी भी और अच्छी किस्में कैसे आएं, इस बात की हम कोशिश करते रहेंगे।

Releated Posts

‘सबका साथ, सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ नितिन नवीन ने संगठन में एकजुटता और सामाजिक संतुलन पर दिया जोर

लखनऊ दौरे में सीएम योगी, दोनों डिप्टी सीएम, संघ और सहयोगी दलों से मुलाकात कर भाजपा अध्यक्ष ने…

ByByHindustan Mirror News Jul 6, 2026

राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक आज, चंपत राय के भविष्य पर फैसला संभव

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ : चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद प्रशासनिक बदलाव और SIT रिपोर्ट पर होगा मंथन अयोध्या।…

ByByHindustan Mirror News Jul 6, 2026

लखनऊ में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबिन के दौरे से 2027 चुनावी तैयारी को धार

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :41 स्वागत बिंदुओं पर 25 सामाजिक वर्गों की भागीदारी, संगठनात्मक बैठकों में चुनावी रणनीति और…

ByByHindustan Mirror News Jul 4, 2026

ड्रोन से मिसाइल तक: ₹52 हजार करोड़ की रक्षा डील से बदलेगी भारतीय सेना की ताकत

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ : रक्षा मंत्रालय ने तीनों सेनाओं के लिए स्वदेशी हथियारों और आधुनिक रक्षा प्रणालियों को…

ByByHindustan Mirror News Jul 4, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top