लखनऊ दौरे में सीएम योगी, दोनों डिप्टी सीएम, संघ और सहयोगी दलों से मुलाकात कर भाजपा अध्यक्ष ने 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति का दिया संकेत।
हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दो दिवसीय लखनऊ दौरा कई राजनीतिक संदेश छोड़ गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उत्तर प्रदेश के अपने पहले दौरे में उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को “सबका साथ, सबका प्रयास” और “सब मिलकर चुनाव लड़ेंगे” का मंत्र दिया। इस दौरान संगठन में एकजुटता, जातीय संतुलन, अयोध्या प्रकरण से हुए राजनीतिक नुकसान की भरपाई और सहयोगी दलों के साथ बेहतर तालमेल पर विशेष जोर दिया गया।
दौरे के दौरान नितिन नवीन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, प्रदेश अध्यक्ष, संगठन पदाधिकारियों तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ पदाधिकारियों से अलग-अलग मुलाकात की। इसे भाजपा के भीतर संतुलन बनाने और गुटबाजी खत्म करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में अपेक्षा से कमजोर प्रदर्शन के बाद भाजपा के भीतर सरकार और संगठन के बीच मतभेदों की चर्चाएं तेज हुई थीं। विपक्ष ने इसे “दिल्ली बनाम लखनऊ” और “पिछड़ा बनाम ठाकुर” की राजनीति से जोड़कर भाजपा पर निशाना साधा। ऐसे माहौल में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी प्रमुख नेताओं को समान महत्व देकर स्पष्ट संकेत दिया कि पार्टी में कोई व्यक्ति विशेष नहीं, बल्कि सामूहिक नेतृत्व ही प्राथमिकता है।
लखनऊ प्रवास के दौरान संगठन पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों और कोर कमेटी की बैठकों में आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठकों में जातीय समीकरण, सामाजिक समरसता और विपक्ष के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले का मुकाबला करने पर विशेष मंथन हुआ। भाजपा ने रोड शो और बैठकों के माध्यम से सभी वर्गों को साथ जोड़ने का संदेश देने का प्रयास किया।
अयोध्या में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर भी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की बात कही और पार्टी नेताओं को जनता की समस्याएं गंभीरता से सुनने, सार्वजनिक बयानबाजी से बचने तथा संगठन के मंच पर अपनी बात रखने की सलाह दी। भाजपा नेतृत्व इस मामले से हुए राजनीतिक नुकसान की भरपाई के लिए डैमेज कंट्रोल की रणनीति पर भी काम करता दिखाई दिया।
दौरे का एक महत्वपूर्ण पड़ाव विश्व संवाद केंद्र भी रहा, जहां नितिन नवीन ने संघ पदाधिकारियों के साथ समय बिताकर भाजपा और आरएसएस के मजबूत संबंधों का संदेश दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव में सामाजिक समरसता और संगठनात्मक मजबूती के लिए संघ की भूमिका अहम रहने वाली है।
इसके अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एनडीए के सहयोगी दलों के नेताओं से भी मुलाकात की। निषाद पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल, सुभासपा और अपना दल (एस) सहित सहयोगी दलों के नेताओं ने बैठक के बाद सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। इससे स्पष्ट है कि भाजपा 2027 के चुनाव में संगठन की एकजुटता के साथ-साथ गठबंधन की मजबूती को भी अपनी चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बना रही है।















