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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन: अपराध नियंत्रण और फॉरेंसिक विज्ञान पर जोर

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:

लखनऊ,
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज के तीसरे स्थापना दिवस पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय समिट में कहा कि अपराध नियंत्रण और न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए फॉरेंसिक विज्ञान का उपयोग अब अत्यंत आवश्यक हो गया है।

अपराधियों की त्वरित गिरफ्तारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले अपराधियों को पकड़ने में वर्षों का समय लग जाता था, लेकिन अब टेक्नोलॉजी और फॉरेंसिक विज्ञान की मदद से अपराधियों को 24 से 48 घंटे के भीतर ही दबोचा जा रहा है। जुलाई 2024 से प्रदेश में सात वर्ष से अधिक दंडनीय अपराधों में फॉरेंसिक साक्ष्य एकत्र करना अनिवार्य कर दिया गया है।

साइबर मुख्यालय की स्थापना

योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि प्रदेश में जल्द ही साइबर मुख्यालय की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में यूपी पुलिस को इन चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीकी ढांचे से लैस करना समय की मांग है। इसके लिए विशेष साइबर हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं।

फॉरेंसिक लैब का विस्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में केवल चार फॉरेंसिक लैब थीं और उनकी स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी। वर्तमान में 12 नई लैब बनाई जा चुकी हैं और छह अन्य निर्माणाधीन हैं। उन्होंने कहा कि इन लैब्स से अपराध की जांच में तेजी आएगी और अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने में मदद मिलेगी।

तकनीकी नवाचार और नए सेंटर का उद्घाटन

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पद्मश्री डॉ. लालजी सिंह एडवांस्ड डीएनए डायग्नोस्टिक सेंटर, एआई, ड्रोन और रोबोटिक्स लैब तथा अटल पुस्तकालय का उद्घाटन किया। इसके अलावा छात्रों को स्मार्ट टैबलेट वितरित किए गए और 75 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

भारतीय परंपरा और ज्ञान की भूमिका

योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति ने हमेशा ज्ञान को महत्व दिया है और समय के साथ स्वयं को विकसित करना इसका मुख्य आधार रहा है। उन्होंने कुंभ मेला जैसे आयोजनों का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे ये आयोजन समाज में एकता और विचारों के आदान-प्रदान के प्रतीक बने हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय समिट न केवल वर्तमान की चुनौतियों से निपटने में मदद करेगी बल्कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश पुलिस को और सक्षम एवं तकनीकी दृष्टि से मजबूत बनाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाली पीढ़ियां इन सुधारों पर गर्व करेंगी।

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