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यूपी बोर्ड के स्कूलों में 60 हजार अनुदेशकों की भर्ती, 108 नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम होंगे लागू

प्रयागराज।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने विद्यालयी शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शैक्षिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के 29 हजार से अधिक यूपी बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में लगभग 60 हजार व्यावसायिक अनुदेशकों की नियुक्ति की जाएगी। यह व्यवस्था एक अप्रैल 2026 से लागू होगी। बोर्ड ने कक्षा 9 और 11 में व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य कर दिया है, जिससे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ कौशल आधारित प्रशिक्षण मिल सके।

भौगोलिक आधार पर विषयों का चयन

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक स्कूल को अपनी भौगोलिक स्थिति और स्थानीय संसाधनों के आधार पर कम से कम दो व्यावसायिक विषयों का चयन करना होगा। बोर्ड का उद्देश्य छात्रों को उनके आसपास मौजूद उद्योगों और रोजगार के अवसरों से जोड़ना है। उदाहरण के तौर पर, भदोही जैसे क्षेत्रों में कालीन उद्योग से संबंधित पाठ्यक्रम संचालित किए जा सकते हैं। इससे छात्रों को स्थानीय स्तर पर ही प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे।

10 दिन की अनिवार्य इंटर्नशिप

व्यावसायिक शिक्षा को व्यावहारिक बनाने के लिए संबंधित औद्योगिक प्रतिष्ठानों में 10 दिनों की अनिवार्य इंटर्नशिप का प्रावधान किया गया है। इससे छात्र-छात्राओं को वास्तविक कार्य अनुभव मिलेगा और वे उद्योगों की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। यह पहल छात्रों के आत्मविश्वास और रोजगार क्षमता को बढ़ाएगी।

अनुदेशकों की नियुक्ति और अर्हता

प्रत्येक स्कूल को अपने संसाधनों से दो-दो अनुदेशक रखने होंगे। इन अनुदेशकों की अर्हता बोर्ड के विशेषज्ञ तय करेंगे। अनुदेशकों की योग्यता और चयन प्रक्रिया को लेकर जल्द ही स्कूलों को विस्तृत दिशा-निर्देश भेजे जाएंगे।

108 नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम

व्यावसायिक शिक्षा को व्यापक बनाने के लिए कक्षा 9 और 11 के विद्यार्थियों हेतु एक साथ 108 नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एयरोस्पेस, मीडिया, ऑटो सर्विस टेक्निशियन जैसे आधुनिक और भविष्य उन्मुख विषय शामिल हैं। ये पाठ्यक्रम पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान, भोपाल के सहयोग से तैयार किए गए हैं।

एनईपी 2020 के अनुरूप पहल

यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह के अनुसार यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है। इसका मकसद विद्यालयी शिक्षा को रोजगार से जोड़ना, छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान देना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।

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