हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में एअर इंडिया विमान दुर्घटना की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक रिपोर्ट में पायलट को दोषी नहीं ठहराया गया है। अदालत ने यह याचिका दिवंगत पायलट सुमित सभरवाल के पिता पुष्करराज सभरवाल द्वारा दायर की गई थी, जिन्होंने अपने बेटे की प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
सुनवाई के दौरान केंद्र ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने जांच दल गठित किया है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने भी पायलट के पिता से कहा कि उन्हें यह बोझ नहीं उठाना चाहिए कि उनके बेटे को दोषी ठहराया जा रहा है, क्योंकि अभी जांच पूरी नहीं हुई है।
यह हादसा 12 जून को हुआ था जब अहमदाबाद से तंदन जा रही एअर इंडिया की बोइंग 787 ड्रीमलाइनर उड़ान भरने के 32 सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। विमान एक इमारत से टकरा गया, जिसमें 260 लोगों की मौत हो गई थी जबकि केवल एक यात्री जीवित बचा था। शुरुआती जांच रिपोर्ट में संकेत मिले थे कि उड़ान के तुरंत बाद फ्यूल कंट्रोल स्विच “कट ऑफ” स्थिति में चले गए, जिससे इंजनों को ईंधन की आपूर्ति रुक गई और विमान नियंत्रण से बाहर हो गया। हालांकि बाद में स्विच को चालू किया गया, लेकिन तब तक इंजन बंद हो चुके थे।
सुप्रीम कोर्ट अब मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की सुनवाई करेगा।













