• Home
  • Delhi
  • मारबर्ग वायरस: Covid-19 के बाद दुनिया में एक और जानलेवा खतरा
Image

मारबर्ग वायरस: Covid-19 के बाद दुनिया में एक और जानलेवा खतरा

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:

कोविड-19 महामारी से दुनिया अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थी कि अब एक और घातक वायरस ने चिंता बढ़ा दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने जानकारी दी है कि दक्षिणी इथियोपिया में कम से कम नौ लोग मारबर्ग वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। मारबर्ग को इबोला का चचेरा भाई कहा जाता है, क्योंकि दोनों ही वायरस बेहद घातक और अत्यधिक संक्रामक हैं। पूर्वी अफ्रीका में इसके संक्रमण को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है और सीमाओं पर फैलाव रोकने की कोशिशें जारी हैं।

WHO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि संगठन इथियोपिया को प्रकोप नियंत्रित करने, संक्रमितों के इलाज और सीमा पार फैलने से रोकने में हर संभव मदद कर रहा है। स्वास्थ्य एजेंसियां निगरानी और परीक्षण की गति तेज कर चुकी हैं।

मारबर्ग वायरस क्या है?

मारबर्ग वायरस एक गंभीर बुखार और रक्तस्राव (Hemorrhagic Fever) पैदा करने वाली बीमारी है। यह एक संक्रमित व्यक्ति से सीधे संपर्क या उसके शारीरिक तरल पदार्थ—जैसे रक्त, लार, पसीना, उल्टी, या मूत्र—के माध्यम से तेजी से फैल सकता है। संक्रमित सतहों, कपड़ों या उपकरणों को छूने से भी संक्रमण संभव है।

इस वायरस की पहचान 1967 में जर्मनी के मारबर्ग और फ्रैंकफर्ट तथा सर्बिया के बेलग्रेड में प्रथम बार हुई। माना जाता है कि यह वायरस चमगादड़ों से मनुष्यों में फैलता है।

लक्षण शुरू कैसे होते हैं?

CDC के अनुसार शुरुआती 2-7 दिनों में ये लक्षण दिख सकते हैं:

  • तेज बुखार
  • सिरदर्द व ठंड लगना
  • मांसपेशियों में दर्द
  • सीने में दर्द, उल्टी, दस्त
  • बिना खुजली वाले लाल चकत्ते

गंभीर स्थिति में अत्यधिक रक्तस्राव, अंगों का काम बंद होना और सदमा (Shock) तक हो सकता है।

8-9 दिनों में मौत का खतरा

रिपोर्ट्स के अनुसार कई मामलों में बीमारी की शुरुआत के 8 से 9 दिनों के भीतर ही मरीज की मौत हो जाती है। मौत से पहले मरीज को तेज आंतरिक और बाहरी रक्तस्राव होने की संभावना रहती है। मारबर्ग की मृत्यु दर करीब 50% बताई जाती है। अभी तक इस वायरस के लिए कोई वैक्सीन या एंटी-वायरल दवा उपलब्ध नहीं है।

कहां-कहां मिल चुके हैं मामले?

WHO के अनुसार पहले यह वायरस कांगो, घाना, केन्या, इक्वेटोरियल गिनी, रवांडा, दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया और युगांडा में पाया जा चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रकोप नियंत्रित होने के बाद भी फिर से उभर सकता है।

Releated Posts

AI कंटेंट पर सरकार की सख्ती: सोशल मीडिया क्रिएटर्स के लिए नई चुनौती

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: नई व्यवस्था 20 फरवरी 2026 से लागू सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बने…

ByByHindustan Mirror News Feb 12, 2026

भारत-ब्राज़ील रिश्तों का नया अध्याय: एआई समिट के बीच राष्ट्रपति लूला का भारत दौरा

नई दिल्ली।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा 18 से 22 फरवरी तक भारत…

ByByHindustan Mirror News Feb 12, 2026

राजपाल यादव की जमानत याचिका खारिज — तिहाड़ जेल में रहेंगे अभिनेता

मुख्य फैसला: जमानत याचिका खारिज बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की जमानत याचिका को आज दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज…

ByByHindustan Mirror News Feb 12, 2026

टी20 वर्ल्ड कप अंपायर से बहस पर मोहम्मद नबी पर लगा जुर्माना

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: आईसीसी ने सुनाई सख्त सजाटी20 वर्ल्ड कप 2026 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए…

ByByHindustan Mirror News Feb 12, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top