हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
अलीगढ़, 17 नवंबर 2025 ): जिलाधिकारी संजेव रंजन की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में आईजीआरएस एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की गई। डीएम ने स्पष्ट कहा कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने चेतावनी दी कि निस्तारण में लापरवाही से जिले की रैंकिंग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, इसलिए विभाग डिफॉल्टर श्रेणी में आने से हर हाल में बचें।
डीएम ने 50 प्रतिशत से कम संतुष्ट फीडबैक वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने स्तर पर नियमित समीक्षा करें और फीडबैक प्रणाली को बेहतर बनाएं ताकि शिकायतकर्ता वास्तव में संतुष्ट महसूस करे।
समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि कुछ विभागों में पिछले तीन महीनों में केवल एक या दो शिकायतें थी, फिर भी उन पर असंतुष्ट फीडबैक दर्ज हुआ। डीएम ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि इतने कम शिकायत होने के बाद भी संतोषजनक निस्तारण न होना संवेदनशीलता की कमी को दर्शाता है। बैठक में बताया गया कि अपर नगर आयुक्त स्तर पर 41, नगर आयुक्त स्तर पर 08, सहायक विकास अधिकारी (चण्डौस व टप्पल) के स्तर पर 05-05 शिकायतें सहित कुल 124 शिकायतें डिफॉल्टर श्रेणी में हैं।
डीएम ने निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में शिकायतें लंबित या डिफॉल्टर श्रेणी में न जाएं। उन्होंने कहा कि लापरवाही के कारण असंतुष्ट फीडबैक लगातार बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर जिले की प्रदर्शन रैंकिंग पर पड़ रहा है।
एडीएम वित्त प्रमोद कुमार ने कहा कि सभी विभाग नियमित मॉनिटरिंग करें और लंबित मामलों को प्राथमिकता पर निपटाएं। उन्होंने फीडबैक की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा ताकि शिकायतकर्ता समाधान से पूर्ण रूप से संतुष्ट हो सके।
ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मनोज राजपूत ने बताया कि पिछले तीन महीनों में जिन निस्तारित शिकायतों पर फीडबैक दर्ज नहीं हुआ है, उनमें शिकायतकर्ताओं से बातचीत कर गुणवत्तापरक फीडबैक दर्ज कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
बैठक में जिला स्तरीय विभागों के अधिकारी एवं IGRS नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।













