हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
काराकस। वेनेजुएला में चल रहे गहरे राजनीतिक संकट के बीच बड़ा संवैधानिक फैसला सामने आया है। देश की सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त करने का आदेश दिया है। यह निर्णय राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की अनुपलब्धता के चलते लिया गया है, जिससे देश में शासन की निरंतरता बनी रहे।
क्यों लिया गया यह फैसला
सुप्रीम कोर्ट के संवैधानिक पीठ के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में सत्ता का रिक्त स्थान उत्पन्न हो गया था। प्रशासनिक कार्य, सुरक्षा व्यवस्था और आर्थिक प्रबंधन को सुचारू बनाए रखने के लिए अंतरिम राष्ट्रपति की नियुक्ति जरूरी मानी गई। कोर्ट ने कहा कि यह कदम संविधान के दायरे में और राष्ट्रीय हित में उठाया गया है।
मादुरो को लेकर क्या स्थिति
निकोलस मादुरो को लेकर हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई दावे सामने आए हैं। अमेरिकी कार्रवाई और मादुरो की गिरफ्तारी से जुड़ी खबरों ने वेनेजुएला की राजनीति को और अस्थिर कर दिया है। हालांकि, सरकार समर्थक खेमे का कहना है कि मादुरो अब भी देश के वैध राष्ट्रपति हैं और अंतरिम व्यवस्था केवल अस्थायी है।
कौन हैं डेल्सी रोड्रिग्ज
डेल्सी रोड्रिग्ज मादुरो सरकार की भरोसेमंद नेता मानी जाती रही हैं। वह इससे पहले उपराष्ट्रपति, विदेश मंत्री और कई अहम प्रशासनिक पदों पर रह चुकी हैं। अंतरिम राष्ट्रपति बनने के बाद अब उनके सामने देश को राजनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संकट से निकालने की बड़ी चुनौती है।
विपक्ष और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाए हैं और इसे सत्ता को बचाने की कोशिश बताया है। वहीं, अमेरिका और कुछ पश्चिमी देशों ने घटनाक्रम पर करीबी नजर रखने की बात कही है। दूसरी ओर, रूस और कुछ लैटिन अमेरिकी देशों ने इसे वेनेजुएला का आंतरिक मामला करार दिया है।
आगे क्या
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में डेल्सी रोड्रिग्ज कितना प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर पाती हैं और क्या यह व्यवस्था स्थायी समाधान की ओर बढ़ेगी या नहीं।













