नई दिल्ली।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। आर्थिक संकट से शुरू हुआ यह आंदोलन अब व्यापक राजनीतिक बदलाव की मांग में बदल चुका है। अमेरिकी मानवाधिकार संगठन के दावे के अनुसार अब तक 2,500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसी पृष्ठभूमि में भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए नई यात्रा सलाह जारी की है।
प्रदर्शनों से बिगड़ी सुरक्षा स्थिति
ईरानी मुद्रा रियाल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरने के बाद पिछले महीने राजधानी तेहरान में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। धीरे-धीरे यह आंदोलन देश के सभी 31 प्रांतों में फैल गया। पहले यह प्रदर्शन महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक बदहाली के खिलाफ थे, लेकिन अब ये सीधे तौर पर राजनीतिक परिवर्तन की मांग करने लगे हैं।
सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की जा रही सख्त कार्रवाई के कारण स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई है।
भारत की नागरिकों को सख्त सलाह

विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक नया परामर्श जारी करते हुए कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए भारतीय नागरिक अगली सूचना तक ईरान की यात्रा से बचें। मंत्रालय ने पहले ही 5 जनवरी को गैर-जरूरी यात्रा से परहेज की सलाह दी थी।
साथ ही ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों (PIO) से कहा गया है कि वे अत्यधिक सतर्क रहें और किसी भी प्रदर्शन या भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में जाने से बचें।
2500 से अधिक मौतों का दावा
अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी (HRANA) के अनुसार, हाल के दिनों में ईरान में हुए देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,500 से अधिक हो गई है। हालांकि ईरानी सरकार ने इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
अमेरिका की चेतावनी और बढ़ता तनाव
ईरान में जारी हिंसा से पश्चिम एशिया में भी तनाव गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों पर की जा रही कार्रवाई को लेकर तेहरान को चेतावनी दी है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि “मदद पहुंचने वाली है।”
अमेरिकी हमले की आशंका और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच ईरान की स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है।














