हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
अप्रैल तक बड़े फैसलों की तैयारी
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक अप्रैल के मध्य तक दो बड़े फैसले लिए जाएंगे—योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट का विस्तार और आयोगों-निगमों में खाली पदों की नियुक्ति। इन दोनों कदमों के जरिए पार्टी अपने वोट बैंक को मजबूत करने पर फोकस कर रही है।
सीमित लेकिन टारगेटेड कैबिनेट विस्तार
मौजूदा समय में यूपी कैबिनेट में छह मंत्री पद खाली हैं, जिन्हें भरा जाएगा। यह विस्तार सीमित लेकिन रणनीतिक होगा। कुछ वरिष्ठ मंत्रियों को संगठन में भेजने और नए चेहरों को मौका देने की योजना है। विभागों में फेरबदल भी संभव है, लेकिन शीर्ष नेतृत्व में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन बनाना है।
ओबीसी और अति-पिछड़ा वर्ग पर खास फोकस
BJP पहले ही ओबीसी और अति-पिछड़ा वर्ग को साधने के संकेत दे चुकी है। पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाना और साध्वी निरंजन ज्योति को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बनाना इसी रणनीति का हिस्सा है। अब कैबिनेट और नियुक्तियों में भी अगड़ी जाति, गैर-यादव ओबीसी, अति-पिछड़ा और गैर-जाटव वर्ग को साधने की कोशिश होगी।
लखनऊ बैठकों के बाद दिल्ली में अंतिम मुहर
लखनऊ में संघ और भाजपा नेताओं की कई बैठकें हो चुकी हैं, जिनमें अरुण कुमार, केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक शामिल रहे। अब अंतिम सूची दिल्ली में तैयार होगी, जहां केंद्रीय नेतृत्व अंतिम निर्णय लेगा।
खाली पदों पर नियुक्ति से साधेगी समीकरण
प्रदेश के 12 बड़े आयोगों, बोर्डों और निगमों में सैकड़ों पद लंबे समय से खाली हैं। केंद्रीय नेतृत्व ने इन्हें अप्रैल तक भरने के निर्देश दिए हैं। इन पदों पर ऐसे चेहरों को लाया जाएगा जो विभिन्न जातीय और सामाजिक वर्गों का प्रतिनिधित्व करें।
BJP का मानना है कि इन कदमों से संगठन मजबूत होगा और कोई भी वर्ग नाराज नहीं रहेगा। अब नजर अप्रैल में आने वाली अंतिम सूची पर है, जो मिशन 2027 की दिशा तय करेगी।
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