हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
नई टैक्स व्यवस्था लागू, पारदर्शिता पर जोर
1 अप्रैल 2026 से ‘इनकम टैक्स रूल्स 2026’ लागू होने जा रहे हैं। सरकार ने टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन नियमों को अधिक पारदर्शी बनाने, डिजिटल रिपोर्टिंग मजबूत करने और टैक्स चोरी पर रोक लगाने के लिए कई अहम बदलाव किए गए हैं। इनका सीधा असर नौकरीपेशा लोगों की टेक-होम सैलरी पर पड़ेगा।
EV इस्तेमाल करने वालों को बड़ा फायदा
इलेक्ट्रिक वाहन (EV) उपयोग करने वालों के लिए राहत भरी खबर है। अब कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले EV भत्तों को स्पष्ट रूप से टैक्स छूट के दायरे में लाया गया है। कंपनी खर्च पर वाहन मिलने पर ₹5,000 प्रति माह (साथ में ₹3,000 ड्राइवर) का लाभ मिलेगा। निजी उपयोग पर ₹2,000 (प्लस ₹3,000 ड्राइवर) की छूट मिलेगी। पहले यह छूट इंजन क्षमता (CC) पर आधारित थी, जो EV पर लागू नहीं होती थी।
HRA नियमों में बदलाव, कुछ शहरों को राहत
हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में भी बड़ा बदलाव हुआ है। अब बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद जैसे शहरों को 50% HRA छूट श्रेणी में शामिल किया गया है। वहीं दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता पहले से इस सूची में हैं।
हालांकि, नोएडा, गुरुग्राम और नवी मुंबई जैसे NCR शहर अभी भी 40% श्रेणी में ही रहेंगे, जिससे वहां काम करने वाले कर्मचारियों को कम टैक्स छूट मिलेगी।
क्रिप्टो और डिजिटल ट्रांजैक्शन पर सख्ती
सरकार ने डिजिटल एसेट्स पर निगरानी बढ़ा दी है। अब क्रिप्टो, CBDC और अन्य डिजिटल निवेश की पूरी जानकारी टैक्स विभाग को देनी होगी। इससे वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ेगी और टैक्स चोरी पर लगाम लगेगी।
कॉरपोरेट और ट्रस्ट के लिए नए नियम
कॉरपोरेट सेक्टर और चैरिटेबल ट्रस्ट के लिए भी बदलाव किए गए हैं। डेटा सेंटर सेवाओं का दायरा बढ़ाया गया है और कानूनी प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। ट्रस्ट को अब रिकॉर्ड 10 साल की जगह 6 साल तक ही रखना होगा, जिससे अनुपालन आसान होगा।
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