हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़
लापरवाही और देरी पर सख्त रुख
उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही और लेटलतीफी बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है। अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव के निर्देश पर 26 इंजीनियरों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिनमें से 12 को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कदम मिशन के कार्यों में तेजी लाने और जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
जांच में सामने आईं गंभीर खामियां
विभागीय समीक्षा और निरीक्षण के दौरान कई जिलों में कार्यों की प्रगति बेहद धीमी पाई गई। पाइपलाइन बिछाने, पानी कनेक्शन देने और गुणवत्ता मानकों के पालन में भी अनियमितताएं सामने आईं। जांच में यह भी पाया गया कि कई परियोजनाएं समय सीमा के भीतर पूरी नहीं की गईं, जिससे ग्रामीण इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही थी।
सरकार का साफ संदेश—लापरवाही बर्दाश्त नहीं
राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जनहित से जुड़ी योजनाओं में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए। साथ ही नियमित मॉनिटरिंग और फील्ड विजिट बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ
जल जीवन मिशन का उद्देश्य हर घर तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। इस कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि परियोजनाओं में तेजी आएगी और ग्रामीणों को जल्द ही इसका लाभ मिलेगा। सरकार की कोशिश है कि तय समयसीमा के भीतर सभी घरों तक पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
#UPNews #JalJeevanMission #GovernmentAction #WaterSupply #RuralDevelopment #IAS #Accountability














