हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
सहयोगी देशों को आत्मनिर्भर बनने की नसीहत
Donald Trump ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज संकट के बीच अपने सहयोगी देशों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अब अमेरिका हर बार सुरक्षा और तेल आपूर्ति की जिम्मेदारी नहीं उठाएगा। ट्रंप ने कहा कि जिन देशों को जेट फ्यूल की कमी हो रही है, वे अमेरिका से तेल खरीद सकते हैं, क्योंकि अमेरिका के पास पर्याप्त भंडार है।
ब्रिटेन और फ्रांस पर साधा निशाना
ट्रंप ने खास तौर पर United Kingdom का जिक्र करते हुए कहा कि उसने ईरान के खिलाफ कार्रवाई में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन अब उसे ईंधन संकट का सामना करना पड़ रहा है। वहीं France पर भी नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि उसने इजराइल जा रहे अमेरिकी सैन्य विमानों को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं दी। ट्रंप ने इसे “खराब रवैया” बताया और कहा कि अमेरिका इसे याद रखेगा।
“खुद लड़ना सीखें” – ट्रंप का संदेश
ट्रंप ने सहयोगी देशों से कहा कि वे अपनी सुरक्षा खुद संभालें और जरूरत पड़ने पर Strait of Hormuz पर जाकर नियंत्रण हासिल करें। उनका बयान इस ओर इशारा करता है कि अमेरिका अब वैश्विक सुरक्षा में अपनी भूमिका सीमित करना चाहता है और अन्य देशों से अधिक जिम्मेदारी लेने की उम्मीद कर रहा है।
ईरान युद्ध और बढ़ता नुकसान
Iran से जुड़े संघर्ष में भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस युद्ध में 3,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ईरान, लेबनान और इजराइल के नागरिक शामिल हैं। अमेरिकी सैनिकों की भी मौत हुई है, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।
बयान के मायने और वैश्विक असर
ट्रंप के बयान से स्पष्ट है कि अमेरिका अपने सहयोगियों से अधिक आत्मनिर्भरता की उम्मीद कर रहा है। यह वैश्विक राजनीति में बदलाव का संकेत है, जहां देशों को अपनी सुरक्षा और ऊर्जा जरूरतों के लिए खुद आगे आना होगा।
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