हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
राज्य सरकारें अब कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच नहीं कर सकेंगी भेदभाव
देश की सर्वोच्च अदालत Supreme Court of India ने महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है, जिससे देशभर के लाखों पेंशनभोगियों को बड़ा फायदा मिलेगा। अदालत ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकारें DA और DR बढ़ाते समय सेवारत कर्मचारियों और सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों के बीच किसी प्रकार का भेदभाव नहीं कर सकतीं।
समानता के अधिकार पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
न्यायमूर्ति Manoj Misra और न्यायमूर्ति Prasanna B Varale की पीठ ने कहा कि कर्मचारियों को 14% और पेंशनभोगियों को 11% DA/DR देना संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का उल्लंघन है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि महंगाई का प्रभाव दोनों वर्गों पर समान रूप से पड़ता है, इसलिए अलग-अलग दरें तय करना तर्कसंगत नहीं है।
वित्तीय संकट को नहीं माना उचित आधार
मामले में Kerala State Road Transport Corporation और केरल सरकार ने अपनी खराब वित्तीय स्थिति का हवाला दिया था। हालांकि अदालत ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि आर्थिक कठिनाइयां भुगतान में देरी का कारण बन सकती हैं, लेकिन इससे लाभ में कटौती को सही नहीं ठहराया जा सकता।
हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा
सुप्रीम कोर्ट ने Kerala High Court के उस फैसले को भी बरकरार रखा, जिसमें पेंशनभोगियों के पक्ष में निर्णय दिया गया था। कोर्ट ने दोहराया कि एक कल्याणकारी राज्य में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हितों की अनदेखी नहीं की जा सकती।
देशभर के पेंशनर्स को मिलेगा लाभ
यह फैसला देशभर के करोड़ों पेंशनभोगियों के लिए राहत भरा है। अब कोई भी राज्य सरकार DA/DR में बढ़ोतरी करते समय पेंशनर्स के साथ भेदभाव करने से बचेगी। यह निर्णय पेंशनभोगियों के अधिकारों को मजबूत करने के साथ ही समानता के सिद्धांत को भी सुदृढ़ करता है।
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