हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
नई दिल्ली, 4 मई 2026।
पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए “बदला नहीं, बदलाव” और “भय नहीं, भविष्य” का संदेश दिया। उन्होंने चुनावी हिंसा की राजनीति से ऊपर उठकर विकास, स्थिरता और लोकतांत्रिक मूल्यों को प्राथमिकता देने की अपील की।
बंगाल के लिए नया संदेश: हिंसा का अंत और विकास की शुरुआत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में दशकों से चली आ रही राजनीतिक हिंसा ने कई जिंदगियां बर्बाद की हैं। अब समय आ गया है कि इस परंपरा को खत्म किया जाए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे “किसने किसे वोट दिया” से ऊपर उठकर राज्य के विकास के लिए काम करें।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा की जीत के बाद बदले की राजनीति नहीं, बल्कि बदलाव की राजनीति होनी चाहिए। उनका जोर था कि बंगाल अब भयमुक्त होकर विकास की राह पर आगे बढ़े।
वैश्विक संकट के बीच भारत की मजबूती
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में वैश्विक परिस्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब देश में चुनाव हो रहे थे, उस समय विश्व की अर्थव्यवस्थाएं संकट से जूझ रही थीं और पश्चिम एशिया में तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा था। इसके बावजूद भारत मजबूती के साथ इन चुनौतियों का सामना कर रहा है।
उन्होंने इसे भारत की स्थिर नीतियों और मजबूत नेतृत्व का परिणाम बताया।
घुसपैठ और सुरक्षा पर सख्त रुख
पीएम मोदी ने बंगाल की जनता को भरोसा दिलाया कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के रोजगार और सीमाई सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी।
कार्यकर्ताओं को दिया जीत का श्रेय
प्रधानमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि बंगाल और केरल जैसे राज्यों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने कठिन परिस्थितियों में काम किया है। उन्होंने इस जीत को कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि यह सफलता वर्षों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है।
एनडीए पर बढ़ता जनविश्वास
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश के 20 से अधिक राज्यों में भाजपा-एनडीए की सरकारें हैं और जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने “नागरिक देवो भवः” को सरकार का मंत्र बताते हुए कहा कि भाजपा का उद्देश्य जनसेवा और सुशासन है।
उन्होंने पुडुचेरी की जनता का भी आभार व्यक्त किया, जहां एनडीए को दोबारा समर्थन मिला।
गंगोत्री से गंगासागर तक ‘कमल’
पीएम मोदी ने अपने पुराने बयान को याद करते हुए कहा कि गंगा का प्रवाह बिहार से आगे बंगाल तक जाता है और अब “गंगोत्री से गंगासागर तक कमल खिल चुका है।” यह बयान भाजपा के विस्तार और राजनीतिक प्रभाव को दर्शाने के रूप में देखा जा रहा है।
लोकतंत्र पर गर्व: ‘मदर ऑफ डेमोक्रेसी’
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत केवल लोकतंत्र का पालन करने वाला देश नहीं, बल्कि “मदर ऑफ डेमोक्रेसी” है। उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत-हार सामान्य बात है, लेकिन जनता ने जिस तरह रिकॉर्ड मतदान किया, वह लोकतंत्र की ताकत को दिखाता है।
उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में लगभग 93 प्रतिशत मतदान को ऐतिहासिक बताया और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को लोकतंत्र की सकारात्मक तस्वीर कहा।
विपक्ष पर निशाना
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश की संस्कृति को समझने में विफल रही है और गलत विचारधाराओं की ओर बढ़ रही है।
उन्होंने समाजवादी पार्टी और वामपंथी दलों की भी आलोचना करते हुए कहा कि देश अब विकास और स्थिरता की राजनीति चाहता है।
महिला सशक्तिकरण और विकास पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि नारी शक्ति देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दलों ने महिला आरक्षण का विरोध कर महिलाओं की प्रगति में बाधा डाली है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम करती रहेगी।
अन्य राज्यों में भी भाजपा की बढ़त
प्रधानमंत्री ने असम में भाजपा की लगातार तीसरी जीत को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह राज्य के विकास के प्रति जनता के भरोसे को दर्शाता है।
तमिलनाडु में हुए राजनीतिक बदलाव का जिक्र करते हुए उन्होंने नए उभरते दलों को भी बधाई दी और कहा कि केंद्र सरकार राज्य के विकास में सहयोग करेगी।
भाजपा अध्यक्ष का बयान
भाजपा अध्यक्ष Nitin Nabin ने भी इस जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह संघर्ष और जनता के विश्वास का परिणाम है। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में भय का माहौल था, जिसे जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से खत्म किया।
ऐतिहासिक दिन का दावा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि 4 मई 2026 का दिन भारतीय राजनीति में ऐतिहासिक रहेगा। उन्होंने इसे लोकतंत्र, संविधान और जनता की जीत बताया।
उन्होंने कहा कि “आज का भारत अवसर, विकास, प्रगति और स्थिरता चाहता है” और भाजपा उसी दिशा में काम कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह भाषण केवल चुनावी जीत का जश्न नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश भी था। “बदला नहीं, बदलाव” और “भय नहीं, भविष्य” जैसे नारों के जरिए उन्होंने विकास आधारित राजनीति पर जोर दिया। साथ ही, विपक्ष पर तीखे हमले और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार ने इस भाषण को व्यापक राजनीतिक संदर्भ प्रदान किया।
बंगाल में भाजपा की सफलता को उन्होंने नए युग की शुरुआत बताया, जहां हिंसा की जगह विकास और भय की जगह विश्वास लेने की बात कही गई।
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