हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
रिकॉर्ड मुनाफे से चमके सरकारी बैंक
भारतीय सरकारी बैंकों (पीएसबी) ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए अब तक का सबसे बड़ा शुद्ध लाभ दर्ज किया है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, सरकारी बैंकों का कुल नेट प्रॉफिट 1.98 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले 11.1 प्रतिशत अधिक है। लगातार चौथे साल सरकारी बैंक भारी मुनाफे में रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, बीते वित्त वर्ष में सरकारी बैंकों ने हर सेकंड 62 हजार रुपये से ज्यादा का लाभ कमाया, जिसने बैंकिंग सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।
बढ़ी कारोबारी ताकत और जमाकर्ताओं का भरोसा
सरकारी बैंकों का कुल कारोबार 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 283.3 लाख करोड़ रुपये हो गया, जिसमें सालाना 12.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं कुल जमा राशि 10.6 प्रतिशत बढ़कर 156.3 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। मंत्रालय का कहना है कि यह बैंकों पर ग्राहकों के मजबूत भरोसे और बेहतर संसाधन जुटाने की क्षमता को दर्शाता है।
क्रेडिट ग्रोथ बनी सबसे बड़ी ताकत
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सरकारी बैंकों के कुल ऋण में 15.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 127 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और उद्योगों में बढ़ती फंडिंग जरूरतों ने बैंकों की कमाई को मजबूती दी है।
एनपीए में रिकॉर्ड गिरावट
सरकारी बैंकों की एसेट क्वालिटी में भी बड़ा सुधार देखने को मिला। 31 मार्च 2026 तक ग्रॉस एनपीए घटकर 1.93 प्रतिशत और नेट एनपीए 0.39 प्रतिशत पर आ गया। यह अब तक का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। इसके अलावा सभी सरकारी बैंकों ने 90 प्रतिशत से ज्यादा का प्रोविजनिंग कवरेज रेश्यो बनाए रखा, जिससे उनकी बैलेंस शीट और मजबूत हुई है।
रिकवरी और रिस्क मैनेजमेंट में सुधार
बैंकों का स्लिपेज रेश्यो घटकर 0.7 प्रतिशत रह गया, जबकि कुल रिकवरी 86,971 करोड़ रुपये रही। मंत्रालय के अनुसार, बेहतर अंडरराइटिंग, मजबूत रिस्क मैनेजमेंट और सख्त क्रेडिट अनुशासन की वजह से सरकारी बैंकों की स्थिति पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुई है। बैंकिंग सेक्टर के इस ‘गोल्डन परफॉर्मेंस’ से शेयर बाजार में भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
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