हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
नौवीं चार्जशीट दाखिल, घर खरीदारों और बैंकों से करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप
घर खरीदने वालों के साथ कथित धोखाधड़ी से जुड़े एक बड़े मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए गाजियाबाद हाउसिंग घोटाले की परतें खोल दी हैं। एजेंसी ने बिल्डर कंपनी, बैंक अधिकारियों और अन्य निजी व्यक्तियों के बीच कथित सांठगांठ का खुलासा किया है। मामले में CBI ने M/s मंजू जे होम्स इंडिया लिमिटेड, उसके निदेशकों और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के कुछ अधिकारियों के खिलाफ नौवीं चार्जशीट दाखिल की है।
झूठे वादों से खरीदारों को फंसाने का आरोप
CBI जांच के अनुसार, बिल्डर कंपनी और उसके निदेशकों ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची। आरोप है कि घर खरीदारों और निवेशकों को आकर्षक वादों और भ्रामक जानकारियों के जरिए गुमराह किया गया। इसके माध्यम से गैर-कानूनी तरीके से करोड़ों रुपये का वित्तीय लाभ अर्जित किया गया।
जांच एजेंसी के मुताबिक, कुछ बैंक अधिकारियों ने अपनी आधिकारिक शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए नियमों और प्रक्रियाओं की अनदेखी की तथा बिल्डर की गतिविधियों में सहयोग दिया। इससे बैंकिंग संस्थानों को आर्थिक नुकसान हुआ, वहीं घर खरीदने वाले भी ठगी का शिकार बने।
भ्रष्टाचार और जालसाजी की धाराओं में मामला दर्ज
CBI ने आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के उपयोग जैसे आरोप लगाए हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
एजेंसी ने जांच के दौरान बड़ी मात्रा में दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्य जुटाए हैं, जिनसे फंड के दुरुपयोग और व्यापक धोखाधड़ी की पुष्टि होने का दावा किया गया है। CBI ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद देशभर में ऐसे 50 मामलों की जांच जारी है।
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