हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
संसद में उठा मुद्दा, सरकार ने जांच के दिए संकेत
खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से बड़ा झटका लगा है। पाकिस्तान की संसद में पेश आंकड़ों के अनुसार, यूएई ने करीब 2 हजार पाकिस्तानियों को अपने देश से जबरन बाहर भेज दिया है। दावा किया गया है कि इन लोगों के कुछ सामान और धनराशि भी जब्त कर ली गई। इस मामले ने पाकिस्तान की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है और विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
संसद में सरकार से जवाब-तलब
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने यूएई से पाकिस्तानियों को निकाले जाने का मुद्दा उठाया। विपक्ष का आरोप है कि पहले इन लोगों के साथ सख्ती बरती गई और बाद में उन्हें देश से बाहर भेज दिया गया। बढ़ते विवाद के बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सरकार ने विदेश मामलों की समिति से मामले की जांच कराने की बात कही है।
निर्वासन के पीछे बताए जा रहे कारण
पाकिस्तान सरकार के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में करीब 1.64 लाख पाकिस्तानियों को विभिन्न अरब देशों से वापस भेजा गया है। इनमें लगभग एक लाख लोग सऊदी अरब और करीब 64 हजार लोग यूएई से निर्वासित किए गए थे।
विदेश विभाग ने संसद में जानकारी दी कि जिन लोगों को यूएई से निकाला गया, उनमें कुछ पर आपराधिक मामलों के आरोप थे, जबकि कुछ लोग कथित रूप से भीख मांगने जैसी गतिविधियों में शामिल पाए गए। हालांकि अभी भी लगभग 20 लाख पाकिस्तानी नागरिक यूएई में काम कर रहे हैं।
रिश्तों में बढ़ती दूरी की चर्चा
हाल के समय में पाकिस्तान और यूएई के रिश्तों में खटास की चर्चा भी तेज हुई है। माना जा रहा है कि क्षेत्रीय मुद्दों और कूटनीतिक रुख को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद बढ़े हैं। हालांकि इन दावों पर आधिकारिक स्तर पर स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
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