हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
RET जीन म्यूटेशन वाले मरीजों के लिए लक्षित उपचार, विशेषज्ञों ने बताया आधुनिक कैंसर थेरेपी की दिशा में बड़ा कदम
भारत में कैंसर के इलाज के क्षेत्र में एक नई और आधुनिक दवा उपलब्ध हो गई है। अमेरिकी फार्मा कंपनी एली लिली एंड कंपनी (Eli Lilly) ने अपनी कैंसर रोधी दवा टैनस्ट्राइव (Tanstrive) को भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है। यह दवा उन मरीजों के लिए विकसित की गई है जिनके कैंसर का संबंध RET जीन म्यूटेशन से होता है। कंपनी का दावा है कि यह दवा कैंसर कोशिकाओं की बढ़त को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है और मरीजों को अधिक सटीक उपचार का विकल्प प्रदान करती है।
कैंसर दुनिया भर में तेजी से बढ़ने वाली गंभीर बीमारियों में शामिल है। भारत में भी हर वर्ष लाखों नए मरीज सामने आते हैं। ऐसे में किसी नई और लक्षित दवा का बाजार में आना चिकित्सा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टैनस्ट्राइव की खासियत यह है कि यह पारंपरिक कीमोथेरेपी की तरह पूरे शरीर की कोशिकाओं को प्रभावित करने के बजाय कैंसर को बढ़ावा देने वाले विशेष जीन परिवर्तन पर सीधे काम करती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, हर कैंसर एक जैसा नहीं होता। कई मरीजों में कैंसर की वजह कुछ खास जीन म्यूटेशन होते हैं, जिनमें RET जीन का बदलाव भी शामिल है। यह बदलाव कैंसर कोशिकाओं को तेजी से बढ़ने और फैलने का संकेत देता है। टैनस्ट्राइव इसी असामान्य संकेत को रोकने का काम करती है, जिससे ट्यूमर की वृद्धि धीमी पड़ सकती है और बीमारी को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
एली लिली इंडिया के अध्यक्ष विंसलो टकर ने कहा कि कैंसर उपचार में अब जीन आधारित और प्रिसीजन मेडिसिन का महत्व लगातार बढ़ रहा है। टैनस्ट्राइव जैसी दवाएं भारतीय मरीजों को आधुनिक और व्यक्तिगत उपचार का नया विकल्प उपलब्ध कराएंगी। उन्होंने बताया कि यह दवा मरीजों को दिन में दो बार लेनी होगी और इसे डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही उपयोग किया जाना चाहिए।
हालांकि, दवा की कीमत भी चर्चा का विषय बनी हुई है। कंपनी ने इसे 40 मिलीग्राम, 80 मिलीग्राम, 120 मिलीग्राम और 160 मिलीग्राम की चार डोज में बाजार में उतारा है। एक बॉक्स की कीमत करीब 2.15 लाख रुपये रखी गई है, जिसमें 14 दिनों के इलाज के लिए आवश्यक दवा शामिल होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दवा उन मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण हो सकती है, जिनमें RET जीन म्यूटेशन पाया जाता है, लेकिन इसकी ऊंची कीमत कई मरीजों के लिए चुनौती भी बन सकती है।
कुल मिलाकर, टैनस्ट्राइव का लॉन्च भारत में कैंसर उपचार के क्षेत्र में प्रिसीजन मेडिसिन की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है और भविष्य में जीन आधारित इलाज को और अधिक बढ़ावा मिल सकता है।













