हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
नई ईवी नीति के तहत ऑनलाइन आवेदन से मिलेगी सब्सिडी, 2030 तक लागू रहेगी योजना
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी लागू होने के दो दिन बाद शुक्रवार को EV सब्सिडी पोर्टल लॉन्च कर दिया। अब इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले उपभोक्ता इस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सरकारी सब्सिडी का लाभ उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि आवेदन स्वीकृत होने के बाद 60 दिनों के भीतर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वाहन की रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) जारी होने के 30 दिनों के भीतर ही सब्सिडी के लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा। यदि 30 दिन की समय सीमा निकल जाती है तो पोर्टल 31वें दिन से आवेदन स्वीकार नहीं करेगा।
रेखा गुप्ता ने कहा कि नई ईवी नीति को तैयार करने में करीब एक वर्ष का समय लगा है। इसका उद्देश्य दिल्ली में वाहन प्रदूषण को कम करना और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यह नीति सभी हितधारकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई है और इससे राजधानी में स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
टू-व्हीलर को सबसे अधिक लाभ, सरकार भी खरीदेगी ईवी
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई नीति में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए सबसे अधिक प्रोत्साहन दिया गया है। इसके अलावा थ्री-व्हीलर, फोर-व्हीलर तथा N1 और N2 श्रेणी के वाहनों के लिए भी आकर्षक लाभ निर्धारित किए गए हैं। सरकार इस योजना पर करीब 15 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी। साथ ही भविष्य में सरकारी विभागों द्वारा खरीदे या लीज पर लिए जाने वाले वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि ईवी के बढ़ते उपयोग के साथ ई-वेस्ट प्लांट की तैयारी भी कर ली गई है, ताकि बैटरियों और इलेक्ट्रॉनिक कचरे का सुरक्षित निस्तारण किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि इस वर्ष दिल्ली में 70 लाख पेड़-पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि 7 जुलाई से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस विशेष अभियान की शुरुआत करेंगे।
दिल्ली सरकार की नई ईवी नीति 1 जुलाई 2026 से लागू हो चुकी है और यह 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी। सरकार का दावा है कि नई सब्सिडी व्यवस्था से इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की प्रक्रिया और अधिक सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनेगी।













