हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
शरीर पर नहीं मिले चोट के निशान, हार्ट और विसरा जांच के लिए सुरक्षित;
परिजनों ने लूट के बाद हत्या का लगाया था आरोप
अंबेडकरनगर के मालीपुर थाना क्षेत्र के रूढ़ा धवारुआ गांव में आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की
मां इंद्रा देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का राज पोस्टमार्टम के बाद भी नहीं खुल सका है। तीन
डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया, लेकिन मौत की स्पष्ट वजह सामने नहीं
आई। पुलिस के मुताबिक, कॉज ऑफ डेथ स्पष्ट नहीं होने के कारण विसरा सुरक्षित किया गया है। वहीं
हार्ट को भी जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि हार्ट अटैक की संभावना की पुष्टि हो सके।
एसपी प्राची सिंह के अनुसार, पोस्टमार्टम के दौरान शरीर पर गंभीर चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले। ऐसे
में शुरुआती तौर पर सामने आई हत्या की आशंका को लेकर जांच अब पोस्टमार्टम और फोरेंसिक
रिपोर्ट पर टिकी है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
परिजनों ने लगाया लूट के बाद हत्या का आरोप
इंद्रा देवी का शव रविवार सुबह उनके घर में बेड पर मिला था। परिजनों का आरोप था कि बदमाशों ने
लूट के बाद उनकी हत्या की। उनके मुताबिक, महिला के मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था और सोने की चेन,
कंगन, कुंडल, अंगूठी समेत अन्य जेवरात गायब थे। घर का मुख्य दरवाजा भी बाहर से बंद मिला था।
घटना से पहले शनिवार को आईपीएस आशुतोष मिश्रा स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए
अपनी मां के साथ विद्यालय पहुंचे थे। शाम करीब छह से सात बजे वह लखनऊ लौट गए, जबकि उनकी
मां वायरिंग का काम पूरा कराने के लिए गांव में रुक गईं। रात करीब 10 बजे फोन पर दोनों की
बातचीत हुई थी। रविवार सुबह करीब छह बजे आशुतोष ने दोबारा फोन किया, लेकिन जवाब नहीं
मिला।
करीब नौ बजे काम करने वाली पियारी देवी घर पहुंचीं तो मुख्य दरवाजा बाहर से बंद मिला। अंदर जाने
पर इंद्रा देवी बेड पर पड़ी मिलीं। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने
घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। अब विसरा और हार्ट की जांच रिपोर्ट से यह साफ होने की
उम्मीद है कि इंद्रा देवी की मौत किन परिस्थितियों में हुई। रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की दिशा स्पष्ट
हो सकेगी।

















