हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
जंगल से सटे कांवड़ मार्गों पर चौकसी बढ़ी, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर में श्रावण कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। जिले के जंगलों से सटे कांवड़ मार्गों पर गुलदार (तेंदुए) की सक्रियता को देखते हुए पुलिस, प्रशासन और वन विभाग ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है, जबकि वन विभाग की टीमें दिन-रात गश्त कर रही हैं।
ड्रोन निगरानी और आतिशबाजी से तेंदुओं पर नजर
वन विभाग ने जंगल से लगे कांवड़ मार्गों को चिन्हित कर विशेष निगरानी शुरू की है। ड्रोन कैमरों की मदद से जंगल और मार्गों पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी गुलदार की गतिविधि का तुरंत पता चल सके। इसके अलावा समय-समय पर नियंत्रित आतिशबाजी की जा रही है, जिससे जंगली जानवर जंगल के भीतर ही रहें और आबादी या कांवड़ मार्ग की ओर न आएं। संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं।
पुलिस-वन विभाग की संयुक्त टीमें तैनात
प्रशासन ने पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें कांवड़ मार्गों पर तैनात की हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) और गश्ती दल लगातार सक्रिय हैं। श्रद्धालुओं को विशेष रूप से जंगल से गुजरने वाले मार्गों पर समूह में चलने और निर्धारित रास्तों का ही उपयोग करने की सलाह दी गई है।
पहले भी हो चुके हैं कई हमले
बिजनौर लंबे समय से गुलदारों की मौजूदगी के कारण संवेदनशील जिला माना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में जिले में गुलदार के हमलों में कई लोगों की जान जा चुकी है और अनेक लोग घायल हुए हैं। यही वजह है कि इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक के साथ अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ काम कर रहे हैं।

















