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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की पारंपरिक सीट पर प्रशांत किशोर का बड़ा उलटफेर,पहली बार चुनाव जीतकर रचा इतिहास

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :

बांकीपुर से पहली बार चुनाव जीतकर रचा इतिहास, गुजरात में भाजपा और दतिया में कांग्रेस ने बचाई प्रतिष्ठा

नई दिल्ली। तीन राज्यों में हुए विधानसभा उपचुनाव के नतीजों ने कई राजनीतिक संदेश दिए हैं। सबसे बड़ा उलटफेर बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर देखने को मिला, जहां जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपने राजनीतिक जीवन का पहला चुनाव जीतते हुए भाजपा की पारंपरिक सीट पर कब्जा कर लिया। यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के अध्यक्ष बनने के बाद खाली हुई थी और लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। प्रशांत किशोर की यह जीत बिहार की राजनीति में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम मानी जा रही है।

बांकीपुर में प्रशांत किशोर ने रचा इतिहास

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने भाजपा के नीरज कुमार को 19,324 मतों के बड़े अंतर से हराया। प्रशांत किशोर को 64,151 वोट, जबकि नीरज कुमार को 44,827 वोट मिले। चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर की यह पहली चुनावी जीत है। भाजपा की परंपरागत सीट पर मिली यह जीत जनसुराज के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता मानी जा रही है।

मंजलपुर में भाजपा का दबदबा बरकरार

गुजरात की मंजलपुर विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार सतीश पटेल ने कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को 30,630 वोटों के भारी अंतर से पराजित किया। सतीश पटेल को 55,881 वोट, जबकि भीखाभाई रबारी को 24,851 वोट मिले। इस जीत के साथ भाजपा ने राज्य में अपना मजबूत जनाधार बनाए रखा।

दतिया में कांग्रेस ने भाजपा को दी मात

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों से हराया। घनश्याम सिंह को 66,757 वोट, जबकि आशुतोष तिवारी को 60,741 वोट मिले। दतिया में अंतिम दौर तक मुकाबला बेहद रोमांचक बना रहा।

तीनों राज्यों के उपचुनाव परिणामों में भाजपा, कांग्रेस और जनसुराज को एक-एक सीट मिली, लेकिन सबसे अधिक चर्चा बांकीपुर में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत की रही। भाजपा के मजबूत गढ़ और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष की पूर्व सीट पर जीत दर्ज कर उन्होंने बिहार की राजनीति में अपनी पार्टी की मौजूदगी का प्रभावी संदेश दिया।

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