पत्नी और दो पंडितों की हत्या के बाद तीन बच्चों को लेकर कमरे में हुआ था बंद, ऑपरेशन के दौरान बेटे की भी मौत; करीब आठ घंटे चला पुलिस अभियान
आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी गांव में मंगलवार शाम पूजा-पाठ को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में खूनी वारदात में बदल गया। आरोप है कि अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी बबीता सिंह और पूजा करा रहे दो पंडितों महेंद्र पाठक व अखिलेश मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद वह तीन बच्चों को लेकर घर के एक कमरे में बंद हो गया। करीब आठ घंटे तक चले पुलिस अभियान के बाद देर रात कमांडो टीम ने कार्रवाई की। मुठभेड़ में अरविंद की मौत हो गई। इस दौरान गोली लगने से घायल उसके बेटे की भी अस्पताल में मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब छह बजे अरविंद बाजार से घर लौटा था। उस समय घर में पूजा चल रही थी। पंडितों से पूजा कराने को लेकर उसकी कहासुनी हुई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आधार कार्ड मांगने को लेकर विवाद बढ़ा और अरविंद ने हथियार निकालकर फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी और दोनों पंडितों की मौत हो गई।
घटना के बाद अरविंद बच्चों को लेकर कमरे में बंद हो गया। पुलिस ने मकान को घेर लिया और उसे आत्मसमर्पण के लिए समझाने का प्रयास किया। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार रणनीति बनाई गई। देर रात एडीजी वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद लखनऊ से कमांडो टीम बुलाई गई।
रात करीब साढ़े 12 बजे कमांडो टीम ने मोर्चा संभाला। पुलिस के अनुसार, सरेंडर के लिए कहे जाने के बाद अरविंद ने फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ। कमांडो टीम के कमरे में पहुंचने पर अरविंद घायल मिला, जबकि एक बच्चा भी गोली लगने से घायल था। दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां अरविंद और उसके बेटे की मौत हो गई। अन्य बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
पुलिस के अनुसार, घर में कई दिनों से पूजा चल रही थी और इसी को लेकर अरविंद नाराज था। हालांकि घटना के पीछे की पूरी वजह की जांच जारी है। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।













