हमाम अल-हम्मामी पर सुरक्षा संबंधी गंभीर आरोप, फ्लाइट में कुल्हाड़ी से हमले के बाद सऊदी अरब में हुई थी इमरजेंसी लैंडिंग
फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार पर हमले के मामले में आरोपी को-पायलट की पहचान सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी ओमानी नागरिक हमाम अल-हम्मामी है। घटना के बाद उसके पूर्व रिकॉर्ड और सुरक्षा संबंधी पृष्ठभूमि को लेकर भी कई गंभीर दावे सामने आए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के आधिकारिक निष्कर्ष अलग से महत्वपूर्ण होंगे।
अरबी मीडिया में सूत्रों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, हमाम पर पहले भी सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताई गई थीं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि वह कथित तौर पर चरमपंथी वेबसाइटों को देखता था और इसी कारण ओमान एयर ने उसे 2024-25 के दौरान नौकरी से हटा दिया था। अमेरिकी मीडिया की कुछ रिपोर्टों में भी उसे सुरक्षा के लिए संभावित खतरा माने जाने और उड़ान भरने पर रोक लगाए जाने का उल्लेख है।
33-34 हजार फीट की ऊंचाई पर हुआ हमला
घटना उस समय हुई जब फ्लाईदुबई का विमान सऊदी अरब के ऊपर करीब 33 से 34 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। उड़ान के लगभग दो घंटे बाद को-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित मछार पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मछार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों और क्रू सदस्यों ने कॉकपिट में पहुंचकर आरोपी को काबू करने में मदद की।
विमान का मार्ग बदला गया और उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आपात लैंडिंग कराई गई। सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित रहे। बाद में यात्रियों को दूसरी उड़ान से इजराइल भेजा गया। सऊदी अधिकारियों ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में उसे संयुक्त अरब अमीरात भेजे जाने की जानकारी सामने आई।
मछार की बहादुरी की सराहना
घटना के दौरान कैप्टन मछार के साहस की भारत और इजराइल में सराहना हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके परिवार से बातचीत की और कैप्टन का हाल जाना। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कैप्टन मछार के साहस की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की है।













