हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
केली कुंज आश्रम में शिष्य की संदिग्ध मौत के बाद उठे सवाल, परिजन बच्चों की तलाश में पहुंच रहे वृंदावन; शिष्यों के मुताबिक पांच महीने से यमुना विहार कुंज में हैं महाराज
मथुरा, वरिष्ठ संवाददाता। वृंदावन के केली कुंज आश्रम में शिष्य रसिक दुलारी शरण दीपक लोधी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद आश्रम और संत प्रेमानंद महाराज को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अलग-अलग राज्यों से परिजन अपने बच्चों की तलाश में मथुरा-वृंदावन पहुंच रहे हैं। इसी बीच लोगों के बीच यह सवाल भी चर्चा में है कि प्रेमानंद महाराज फिलहाल कहां हैं और केली कुंज आश्रम की गतिविधियों को लेकर उनकी ओर से सार्वजनिक रूप से क्या जानकारी सामने आई है।
महाराज के ठिकाने की जानकारी जुटाने के दौरान पता चला कि वह फिलहाल केली कुंज आश्रम में मौजूद नहीं हैं। प्रेमानंद महाराज के दो प्रमुख आश्रम बताए जाते हैं। पहला मथुरा वारघाट स्थित परिक्रमा मार्ग पर केली कुंज और दूसरा यमुना पार बेलवन क्षेत्र में स्थित यमुना विहार कुंज है। इसके अलावा शुरुआती दौर में रमण रेती स्थित कृष्णम अपार्टमेंट का फ्लैट भी उनके ठिकानों में शामिल रहा है।
आश्रम में प्रवेश पर रोक, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
यमुना विहार कुंज की स्थिति जानने के लिए वहां पहुंचने पर महालक्ष्मी मंदिर के पास से आश्रम की ओर जाने वाला कच्चा रास्ता दिखाई दिया। यहां आश्रम के कुछ शिष्य मौजूद थे। उन्होंने बताया कि फिलहाल आश्रम बंद है और किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं है। कैमरे से रिकॉर्डिंग की भी अनुमति नहीं दी गई। आश्रम के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम दिखाई दिए। पेड़ों सहित कई स्थानों पर हाई डेफिनेशन कैमरे लगे हुए थे।
पांच महीने से यमुना विहार कुंज में होने का दावा
रसिक दुलारी की मौत के बाद प्रेमानंद महाराज की ओर से यमुना विहार कुंज से एक संदेश जारी होने की बात सामने आई, जिसमें घटना को सांसारिक लीला बताते हुए लोगों से अपना ध्यान भजन में लगाने की अपील की गई। आश्रम में मौजूद एक शिष्य ने बिना कैमरे के बातचीत में बताया कि प्रेमानंद महाराज पिछले करीब पांच महीने से बेलवन स्थित यमुना विहार कुंज में मौजूद हैं। वहीं, रसिक दुलारी की मौत के मामले में मथुरा पुलिस की जांच जारी है।





















