अतिरिक्त दो साल के कार्यकाल में बढ़ेगी सैलरी, स्थायी नौकरी और पेंशन की गारंटी नहीं; सरकारी भर्ती में आरक्षण और पढ़ाई के भी अवसर
नई दिल्ली।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ : अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले अग्निवीरों के लिए सेवा अवधि बढ़ाने का रास्ता साफ होने के बाद उनके भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। चार साल की सेवा पूरी करने वाले और नियमित सेना में चयनित नहीं होने वाले 75 फीसदी अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल दिया जा सकेगा। इससे उनकी सैन्य सेवा अवधि छह साल तक हो सकती है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इस व्यवस्था की जानकारी दी है।
पांचवें और छठे साल में बढ़ेगी सैलरी
नई व्यवस्था के तहत पांचवें साल अग्निवीरों को करीब 43,500 रुपये और छठे साल लगभग 47,500 रुपये मासिक वेतन मिलने का प्रावधान बताया गया है। अतिरिक्त कार्यकाल में सेवा निधि के लिए सरकार का योगदान भी बढ़कर 70 फीसदी होगा। अनुमान के मुताबिक छह साल की सेवा के बाद अग्निवीरों को करीब 21 लाख रुपये तक सेवा निधि मिल सकती है। हालांकि, यह अनुमानित राशि है।
पेंशन और स्थायी नौकरी की गारंटी नहीं
अग्निवीरों को चार साल की सेवा के बाद पेंशन और ग्रेच्युटी नहीं मिलती। अतिरिक्त दो साल का कार्यकाल भी पेंशन की गारंटी नहीं देता। नियमित कैडर में चयनित होने के बाद ही सैनिकों को संबंधित सेवा नियमों के तहत लाभ मिलेंगे। सेना में सेवा के दौरान 48 लाख रुपये का गैर-अंशदायी जीवन बीमा कवर भी दिया जाता है।
सेना से बाहर रोजगार और पढ़ाई के अवसर
सेवा समाप्त होने के बाद अग्निवीरों को प्रशिक्षण और कौशल का प्रमाणपत्र मिलेगा। सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स की भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया है। इसके अलावा आयु सीमा में छूट और अन्य निर्धारित लाभ भी मिलेंगे।
अग्निवीर एनआईओएस के माध्यम से 10वीं और 12वीं की योग्यता हासिल कर सकते हैं, जबकि इग्नू के जरिए स्नातक की पढ़ाई का अवसर भी उपलब्ध है। ऐसे में नई व्यवस्था अग्निवीरों को सैन्य सेवा के साथ भविष्य में रोजगार और शिक्षा के अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।






















