भीषण गर्मी में सतर्कता बेहद ज़रूरी, बच्चों, बुजुर्गों और जानवरों पर विशेष ध्यान देने की अपील
हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 10अप्रैल: 2025, अलीगढ़,
अलीगढ़, जिले में बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए अपर जिलाधिकारी (वित्त) एवं प्रभारी अधिकारी आपदा मीनू राणा ने आमजन के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर हम खुद के साथ अपने परिवार, बच्चों, बुजुर्गों, और पालतू जानवरों को भी गर्मी की मार से बचा सकते हैं।
लू के लक्षण: पहचानें और समय पर करें उपचार
एडीएम मीनू राणा ने बताया कि लू लगने पर शरीर का तापमान तेज़ी से बढ़ जाता है और पसीना आना बंद हो जाता है। साथ ही व्यक्ति को सिरदर्द, चक्कर, त्वचा पर लालिमा व सूखापन, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
प्राथमिक उपचार में शामिल हैं:
- व्यक्ति को छायादार और ठंडी जगह पर ले जाएं
- 108 एम्बुलेंस सेवा को तुरंत सूचना दें
- यदि व्यक्ति होश में हो तो ठंडा पानी पिलाएं
- शरीर से अतिरिक्त कपड़े हटा दें
- पंखे से हवा करें, पानी का स्प्रे करें
- पैर ऊपर करके लिटाएं
गर्मी से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय
- दोपहर 12 बजे से शाम 3 बजे तक बाहर निकलने से बचें
- हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें
- धूप में टोपी, गमछा, छाता और सनग्लासेस का प्रयोग करें
- प्यास न लगे तब भी बार-बार पानी पियें
- घर में बने पेय जैसे लस्सी, छाछ, नींबू पानी, आम का पना, ORS आदि का सेवन करें
- जानवरों को छांव में रखें और उन्हें पर्याप्त पानी दें
- घर को ठंडा रखने के लिए पर्दे और शटर का इस्तेमाल करें, रात में खिड़कियाँ खुली रखें
इन बातों का रखें विशेष ध्यान – “क्या करें और क्या न करें”
✅ क्या करें:
- घर से बाहर निकलते समय शरीर व सिर को ढक कर रखें
- काले पर्दों या एल्युमिनियम पन्नियों से खिड़कियाँ ढकें
- मौसम विभाग की चेतावनियाँ सुनते रहें
- प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लें
- गर्मी में संतुलित और हल्का भोजन करें
❌ क्या न करें:
- धूप में खड़े वाहनों में बच्चों या पालतू जानवरों को न छोड़ें
- खाना बनाते समय कमरे बंद न रखें
- शराब, चाय, कॉफी जैसे पेय से परहेज़ करें
- उच्च प्रोटीन व बासी भोजन का सेवन न करें
- गर्मी के समय ऊपरी मंज़िलों पर अधिक समय न बिताएं
सार्वजनिक अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
एडीएम मीनू राणा ने अपील की कि लोग स्वयं तो सतर्क रहें ही, साथ ही अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। खासकर बच्चे, बुजुर्ग, और जानवर गर्मी की चपेट में जल्दी आते हैं, इसलिए उनकी देखभाल को प्राथमिकता दें।
आपदा से निपटने में आपकी सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है।
















